विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
राजीव स्मृति वन में बरगद का पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, जनभागीदारी से नया कीर्तिमान बनाने का किया आह्वान
रायपुर ACGN:- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कृष्ण वट अर्थात बरगद का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और मातृत्व सम्मान का संदेश दिया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी बेल का पौधा लगाकर अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अत्यंत गहरा और अभिन्न है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित वृक्ष कटाई, पर्यावरणीय असंतुलन और जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और भावनात्मक जुड़ाव का एक राष्ट्रीय अभियान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन जनसहभागिता, वन विभाग के प्रयासों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से छत्तीसगढ़ में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधारोपण किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी प्रदेशवासी निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। यह प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। राज्य सरकार और वन विभाग लगातार वन संरक्षण, वृक्षारोपण और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन या वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय सदियों से जंगलों, जल स्रोतों और प्रकृति को अपनी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनका संरक्षण करता आया है। सरना स्थलों में वृक्षों की पूजा और उन्हें देवतुल्य मानने की परंपरा प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की गहरी आस्था और संरक्षण भावना का जीवंत उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्वों का सम्मान भी किया। उन्होंने , तथा को सम्मानित करते हुए कहा कि इनका जीवन समाज सेवा, समर्पण और जनहित के लिए कार्य करने वालों के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया। इनमें ‘द बैगा’, ‘वेटलैंड्स ऑफ छत्तीसगढ़’, ‘फ्लोरल डायवर्सिटी ऑफ बीजापुर डिवीजन’, ‘मैमल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ तथा ‘उत्तरी छत्तीसगढ़ के अनूठे पर्यटन स्थल और उनकी विविधता’ जैसी पुस्तकें शामिल हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से प्रदेश की जैव विविधता, वन संपदा और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण तथा अध्ययन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।
वन मंत्री ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सिलीबहार की सुश्री चन्दनबती कोला ने स्व-सहायता समूहों द्वारा जंगल संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में 138 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है, जिससे युवाओं का पलायन पूरी तरह रुक गया है और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।
कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और जनभागीदारी आधारित वृक्षारोपण कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, विधायक , जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पर्यावरण प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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