निकोटीन और तम्बाकू की लत के खिलाफ जागरूकता का संकल्प, विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर हुए विविध आयोजन
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
“इसके आकर्षण का पर्दाफाश- निकोटीन और तम्बाकू की लत का मुकाबला” थीम के साथ लोगों को किया गया जागरूक, तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
कोरबा ACGN:- कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में जिले में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय “इसके आकर्षण का पर्दाफाश- निकोटीन और तम्बाकू की लत का मुकाबला” रखा गया, जिसके माध्यम से लोगों को तम्बाकू और निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्व. बिसाहू दास स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय कोरबा के सभाकक्ष में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कुमारी डिम्पल भेड़िया, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर, नोडल अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश, डॉ. भास्कर, ब्रह्मकुमारी संस्थान से बड़ी दीदी, श्री मखीजा सहित गणमान्य नागरिक, जीएनएम कॉलेज की प्रशिक्षु नर्सें, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं मरीजों के परिजन उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने अपने संबोधन में कहा कि तम्बाकू सेवन विश्व में मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। इसके कारण कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियां और स्ट्रोक जैसी घातक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने बताया कि तम्बाकू का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है बल्कि यह पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कोटपा एक्ट 2003 की विभिन्न धाराओं की जानकारी देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन तथा नाबालिगों को तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी प्रावधानों से अवगत कराया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने तम्बाकू और निकोटीन उत्पादों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। युवाओं और विद्यार्थियों से विशेष रूप से तम्बाकू से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों ने स्वयं तम्बाकू का सेवन नहीं करने तथा दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।

अस्पताल परिसर में रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें जीएनएम कॉलेज की प्रशिक्षु नर्सों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को तम्बाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा तम्बाकू मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। गांवों में रैली, पोस्टर, पाम्पलेट, लिफलेट और फ्लेक्स के माध्यम से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करें और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी इसके सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त समाज का निर्माण स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तम्बाकू मुक्ति संबंधी अधिक जानकारी के लिए जिला चिकित्सालय के तम्बाकू मुक्ति केन्द्र, कक्ष क्रमांक 112 में संपर्क किया जा सकता है।
प्रदीप मिश्रा
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