ओड़िशा में इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान, बढ़ सकती है गर्मी की मार
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भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजया नंद जी महाराज – ओड़िशा ब्यूरो
आईएमडी ने जताई कम वर्षा की संभावना, जून से सितंबर तक हीटवेव के अधिक दिनों की चेतावनी
भुवनेश्वर ACGN:- भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन को लेकर ओड़िशा के लिए चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष राज्य में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही गर्मी और हीटवेव के दिनों की संख्या भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है, जिससे आमजन, किसान और प्रशासन की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जून से सितंबर 2026 के बीच देशभर में औसत मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसमें प्लस या माइनस चार प्रतिशत की संभावित त्रुटि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्य भारत, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।
हालांकि पूर्वी और पूर्व-मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है, लेकिन ओड़िशा के लिए मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इससे कृषि, जल संसाधनों और पेयजल व्यवस्था पर प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार जून 2026 में भी देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। केवल उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर-पूर्व भारत, दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। वहीं अधिकांश राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान लगाया गया है।
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि ओड़िशा समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रह सकती है। इससे लोगों को लंबे समय तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि ओड़िशा में गर्मी की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन को मानसून और हीटवेव दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पेयजल प्रबंधन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
मौसम विभाग के अनुसार देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है और तापमान अधिक बना रहता है तो इसका सीधा असर खेती-किसानी, जल स्रोतों और आम जनजीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को भी मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर- हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़
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