पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर रायपुर में भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता की ऐतिहासिक भूमिका को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला
रायपुर ACGN:- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम करते हुए सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हैं और समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया की सकारात्मक आलोचना केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि प्रशासन और सरकार को भी आत्ममंथन कर बेहतर कार्य करने की दिशा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देश के पुराने और प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है, जिसका इतिहास अत्यंत समृद्ध और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान में इस प्रकार के आयोजन प्रेस क्लब की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा पर आधारित ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर की पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर ने पत्रकारिता जगत को अनेक शिखर पुरुष दिए हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी और विचारों से समाज को दिशा दी है। उन्होंने मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकारों एवं संपादकों का स्मरण करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता की वैचारिक और सशक्त परंपरा को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की आधारशिला है और स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तक पत्रकारिता ने हमेशा परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने 30 मई 1826 को कोलकाता से प्रकाशित देश के प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी ने हिंदी पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी थी और आज हम उस गौरवशाली यात्रा के 200 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए देवर्षि नारद को आदि पत्रकार बताया और कहा कि नारद जयंती के अवसर पर पत्रकार बंधुओं का सम्मान हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि उदंत मार्तंड का प्रकाशन भी नारद जयंती के दिन शुरू हुआ था, जो भारतीय पत्रकारिता और सांस्कृतिक चेतना के गहरे संबंध को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने राष्ट्रवादी चेतना को स्वर देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का इतिहास लिखा जाएगा, छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ मित्र के संपादक माधवराव सप्रे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को जागृत और संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी प्रकार उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारने का कार्य किया है और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, सरकार की नीति और पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका से प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय के लिए जाने जाते थे, आज वही क्षेत्र विकास, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहचाने जा रहे हैं। बस्तर अब दुनिया के सामने नई पहचान के साथ उभर रहा है, जहां विकास और संभावनाओं की नई कहानी लिखी जा रही है।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि 1826 में उदंत मार्तंड के प्रकाशन से शुरू हुई यह यात्रा समाज को अंधकार से उजाले की ओर ले जाने वाली रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा देना है।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक राष्ट्रधर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं, ऐसे में तथ्यात्मक और शोध आधारित पत्रकारिता को और मजबूत करना आवश्यक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित विशेष अंक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी तथा श्री दिनेश यदु की पुस्तक “मैं अगहन हूं” का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीएसआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर- हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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