मड़वा विद्युत संयंत्र में क्लोरीन गैस रिसाव का पूर्वाभ्यास
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जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए आयोजित मॉक ड्रिल में घायल कर्मचारी का किया गया सफल रेस्क्यू
जांजगीर-चांपा ACGN:- अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र मड़वा में मंगलवार सुबह क्लोरीनेशन प्लांट में गैस रिसाव और कर्मचारी के घायल होने की सूचना मिलते ही पूरे संयंत्र में हड़कंप मच गया। आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र को सूचना मिलने के महज दो मिनट के भीतर अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्लोरीन गैस के प्रभाव को रोकने के लिए पानी की बौछार कर वाटर कर्टेन तैयार किया गया। इसके बाद प्लांट के भीतर फंसे कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू किया गया।

दरअसल यह पूरी कार्रवाई संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारी की जांच के लिए आयोजित पूर्वाभ्यास का हिस्सा थी। वरिष्ठ रसायनज्ञ बीसी बघेल ने बताया कि क्लोरीनेशन प्लांट में टोनर बदलने के दौरान गैस रिसाव की स्थिति निर्मित होने की कल्पना पर यह अभ्यास किया गया। अलार्म बजते ही शिफ्ट इंचार्ज ने तत्काल आपात स्थिति नियंत्रक केंद्र को सूचना दी, जिसके बाद अग्निशमन, सुरक्षा, संधारण और औद्योगिक स्वास्थ्य केंद्र की टीमों को सक्रिय किया गया।


संयंत्र में चार बार सायरन बजाकर ऑनसाइट इमरजेंसी की सूचना दी गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान विभिन्न विभागों ने समन्वय के साथ रेस्क्यू और सुरक्षा संबंधी कार्यवाही की। पूर्वाभ्यास का आयोजन सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं संरक्षा अश्वनी पटेल के मार्गदर्शन तथा मुख्य अभियंता एचएन कोसरिया के निर्देशन में किया गया। अभ्यास समाप्त होने के बाद संबंधित विभागों ने मुख्य अभियंता को रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

पूर्वाभ्यास में अतिरिक्त मुख्य अभियंता आलोक लकरा, एन लकरा, मुख्य रसायनज्ञ अभय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता एन साहा, कार्यपालन अभियंता नरेंद्र कुमार देवांगन, सहायक अभियंता विजय कुमार बर्मन, अग्निशमन अधिकारी एमके रायकवार सहित चिकित्सा एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

विशेषज्ञों के अनुसार क्लोरीन गैस अत्यंत जहरीली और दमघोटक होती है। इसका रिसाव होने पर यह सतह से करीब पांच मीटर की ऊंचाई तक फैल सकती है। निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में गैस का प्रभाव मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसी वजह से विद्युत संयंत्र में समय-समय पर ऐसे सुरक्षा पूर्वाभ्यास आयोजित किए जाते हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रदीप मिश्रा
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