पुस्तक में शहादत तिथि की गलती पर उठा सवाल
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बरगढ़, ओड़िशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
ओड़िशा ब्यूरो स्वामी विजयानंद जी महाराज
पूर्व सांसद निरंजन बीसी ने ओड़िशा सरकार से कक्षा 7 की ओड़िया साहित्य पुस्तक में ऐतिहासिक त्रुटि सुधारने की मांग की
बरगढ़ से सामने आए एक महत्वपूर्ण मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद निरंजन बीसी ने ओड़िशा सरकार के स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग से कक्षा 7 की ओड़िया साहित्य पुस्तक में दर्ज एक गंभीर ऐतिहासिक त्रुटि को तत्काल सुधारने की अपील की है। यह मामला पश्चिम ओड़िशा के गौरव और महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद माधो सिंह बरीहा की शहादत तिथि से जुड़ा हुआ है, जिसे पुस्तक में गलत तरीके से 22 दिसंबर 1858 दर्शाया गया है।

निरंजन बीसी ने स्पष्ट कहा कि प्रामाणिक ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार शहीद माधो सिंह बरीहा की शहादत 31 दिसंबर 1858 को संबलपुर जेल में हुई थी। उन्होंने इस गलती को केवल तिथि की त्रुटि नहीं बल्कि इतिहास की गरिमा और एक महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताया। बीसी ने यह भी बताया कि पश्चिमी ओड़िशा सहित आदिवासी समाज हर वर्ष 31 दिसंबर को वीरता दिवस के रूप में मनाता है, जबकि ओड़िशा सरकार का भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग भी भुवनेश्वर में इस दिन को आधिकारिक रूप से आयोजित करता है।
उन्होंने मांग की है कि 31 दिसंबर 1858 को ही शहीद माधो सिंह बरीहा की सही शहादत तिथि के रूप में मान्यता दी जाए और कक्षा 7 की पुस्तक में तत्काल संशोधन किया जाए। साथ ही भविष्य में प्रकाशित होने वाले सभी संस्करणों में इस सुधार को सुनिश्चित करने और शैक्षिक सामग्री की ऐतिहासिक सटीकता बनाए रखने के लिए एक सख्त समीक्षा प्रणाली लागू करने की भी आवश्यकता जताई गई है। बीसी ने कहा कि यह कदम न केवल शैक्षणिक सत्यता को मजबूत करेगा बल्कि महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी साबित होगा।
प्रदीप मिश्रा
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