वेदांता पावर प्लांट में भीषण विस्फोट, कई मजदूरों की मौत से मचा हड़कंप
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सक्ती, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
दो दर्जन से अधिक मजदूर घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, वेदांता प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्लांट में अचानक बॉयलर फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया और मजदूर अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते नजर आए।

बताया जा रहा है कि प्लांट में काम के दौरान अचानक तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और कई लोग बुरी तरह झुलस गए। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में चीख पुकार मच गई और कई मजदूर जमीन पर तड़पते नजर आए।
घटना के तुरंत बाद घायल मजदूरों को आनन फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष उपचार दिया जा रहा है। कुछ मजदूरों को गंभीर हालत में बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए और पूरे प्लांट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। प्रशासन की निगरानी में राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद वेदांता प्रबंधन की कार्यप्रणाली और प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और मजदूरों के परिजनों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था और लंबे समय से तकनीकी खामियों की शिकायतें सामने आती रही थीं। मजदूरों का कहना है कि भारी जोखिम के बीच काम कराया जाता है लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते।
औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह के हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता तो शायद इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। अब प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
घटना के बाद मजदूरों के परिवारों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों की मांग है कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यह हादसा केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं बल्कि मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
प्रदीप मिश्रा
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