पेसा कानून के उल्लंघन का आरोप, आदिवासी विकास परिषद ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
कोरबा। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद जिला शाखा–कोरबा द्वारा आज दिनांक 26/02/2026 को देश के महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री के नाम पेसा कानून के उल्लंघन के संबंध में ज्ञापन जिला कलेक्टर कोरबा के माध्यम से प्रेषित किया गया।
परिषद द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कोरबा जिला पूर्णतः पेसा (अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत उपबंध विस्तार अधिनियम 1996) के अंतर्गत आता है, किंतु जिले में पेसा कानून का समुचित पालन एवं क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। परिषद का आरोप है कि विभिन्न औद्योगिक एवं खनन परियोजनाओं के विस्तार के दौरान ग्राम सभाओं की पूर्व एवं स्पष्ट सहमति नहीं ली जा रही है, जो कानून के प्रावधानों के विपरीत है।

ज्ञापन में विशेष रूप से लेको (अडानी पावर) पावर कंपनी द्वारा पताडी क्षेत्र में संचालित विस्तार परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन्हें ग्राम सभा की अनुमति के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त पसान क्षेत्र के जांटा कोल ब्लॉक में बिना ग्राम सभा की सहमति एवं खनन से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों के समुचित अध्ययन के किसी भी प्रकार की मंजूरी न देने की मांग की गई है।

परिषद ने अपने ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया है कि भूमि अधिग्रहण, खनन एवं औद्योगिक परियोजनाओं के कारण क्षेत्र में पर्यावरणीय क्षति, विस्थापन, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, कृषि एवं जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दे उत्पन्न हो रहे हैं। ऐसे में ग्राम सभाओं को प्राकृतिक संसाधनो जैसें जल, जंगल और जमीन पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं तथा उनकी अनुमति के बिना किसी भी परियोजना का संचालन या विस्तार नहीं किया जाना चाहिए।
परिषद ने शासन से मांग की है कि कोरबा जिले में पेसा कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा ग्राम सभाओं के अधिकारों की रक्षा की जाए।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष वीरसाय धनवार, महासचिव राम मूरत कंवर, सरोज कंवर, आर.एस. बरिहा, सेवती सिंह, शिवानी धनवार, ललिता सिंह एवं प्रणीण भगत सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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