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किसानों को ₹3100 में धान, 200 यूनिट बिजली राहत बरकरार! कैबिनेट के 19 बड़े फैसलों से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर?

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

15 नवंबर से धान खरीदी, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, पर्यटन और खेल के लिए ₹500 करोड़ के मिशन, नई रेल परियोजना और कई शहरों के विकास पर बड़ा फैसला।


रायपुर ACGN:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, खिलाड़ियों, उद्योगों और प्रदेश के बुनियादी ढांचे से जुड़े 19 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, घरेलू बिजली बिल में राहत जारी रखने, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने और रेल, सड़क, पर्यटन तथा खेल विकास के लिए नई योजनाओं को मंजूरी देना प्रमुख है।


15 नवंबर से धान खरीदी, किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, 27.50 लाख से अधिक किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा।
किसानों को राहत देते हुए एग्रीस्टेक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान बिक्री के लिए मान्य किया गया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। एग्रीस्टेक पंजीयन के कारण समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान का रकबा ऑनलाइन निर्धारित किया जाएगा। वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होगी। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इस वर्ष कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी।
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान के नीलामी के माध्यम से निराकरण के संबंध में मंत्रिमंडलीय उपसमिति के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया।


          200 यूनिट तक बिजली बिल में राहत जारी
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान यानी एम-ऊर्जा योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत पूर्ववत जारी रहेगी। इसके साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है।
सरकार के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत का लाभ मिलता रहेगा।
डामर महंगा, सड़क ठेकेदारों को मिलेगी मूल्य राहत
बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए मंत्रिपरिषद ने सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों से जुड़े पात्र ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक वास्तव में खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन पर कुल ₹130.88 करोड़ की राहत बजट अनुदान के रूप में दी जाएगी।
वहीं, राज्य वित्त पोषित सड़क कार्यों के उन अनुबंधों में, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पहले प्राप्त हुई थीं, 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी राहत दी जाएगी। इस मद में लगभग ₹70 करोड़ से ₹100 करोड़ तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है। सरकार के मुताबिक, इससे लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।


     सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को कैशलेस इलाज
मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस उपचार मिलेगा। उन्हें इलाज के समय पूरा चिकित्सा खर्च स्वयं जमा करके बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। पूर्व अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन तथा डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इससे विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकालीन परिस्थितियों में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
       पांच साल में ₹500 करोड़ का अधोसंरचना मिशन
प्रदेश में सड़क और अन्य अधोसंरचना विकास को व्यवस्थित करने के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए प्रस्तावित है। इसके लिए कुल ₹500 करोड़, यानी ₹100 करोड़ प्रतिवर्ष का प्रावधान रखा गया है।
लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग और छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड क्रियान्वयन एजेंसी होगी। मिशन में सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान, डेटा आधारित योजना, परियोजनाओं की डीपीआर की अग्रिम तैयारी, जीआईएस आधारित नियोजन, डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर दिया जाएगा।
      पर्यटन विकास के लिए भी ₹500 करोड़ का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। यह मिशन अगले पांच वर्षों तक संचालित किया जाएगा और इसके लिए लगभग ₹500 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
इसके अंतर्गत पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क, आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता बेहतर करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 9 मामले वापस लेने की प्रक्रिया को अनुमति
मंत्रिपरिषद ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगामी कार्रवाई की अनुमति दी है।
          नगर पंचायत कूंरा का नाम अब कुंवरगढ़
रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार के अनुसार, कुंवरगढ़ छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल ऐतिहासिक स्थल है, जो प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप नाम देने की मांग कर रहे थे।
₹1000 करोड़ या अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को प्रोत्साहन
मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत ₹1000 करोड़ या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देना है।
       295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना को मंजूरी
कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
करीब 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹8000 करोड़ है। इसमें 25 प्रतिशत यानी लगभग ₹2000 करोड़ अंशपूंजी प्रस्तावित है, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय लगभग ₹1000-1000 करोड़ का योगदान देंगे। राज्य की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, डीएमएफ या राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी।
परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
पांच सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्विकास को सैद्धांतिक मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनमें दुर्ग का शासकीय पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज का वेटनरी हॉस्पिटल परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती का बुधवारी बाजार और धमतरी के रुद्री चौक की सरकारी भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियां शामिल हैं।
इन परियोजनाओं को निजी क्षेत्र की भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उद्देश्य मौजूदा भूमि का बेहतर उपयोग, नई सरकारी परिसंपत्तियों का निर्माण, राजस्व में वृद्धि और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
    राजनांदगांव में भंडारण और फल प्रसंस्करण को बढ़ावा
मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे जिले में भंडारण सुविधाओं का विस्तार और कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। लगभग ₹400 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे फल खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार के अनुसार, इससे 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
             सुशासन और वन विभाग में नए पद
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए तीन नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और विशेषज्ञ (अपर संचालक स्तर) का एक-एक पद शामिल है।
इसके अलावा नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में वन मुख्यालय के लिए पे-लेवल-16 पर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी गई है। इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों में समन्वय एवं निगरानी को गति देने का उद्देश्य है।
दिवंगत चिकित्सा प्राध्यापक के परिवार को पेंशन संबंधी राहत
मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर पात्र परिवारजनों को परिवार पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति दी गई है।
         खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत वर्ष 2026-27 में ₹100 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। विद्यालयों और चयन शिविरों के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों, राज्य खेल अकादमियों और उच्च प्रदर्शन केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
दस प्रमुख खेल विधाओं में खिलाड़ियों के विकास, विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और प्रदर्शन विश्लेषण पर ध्यान दिया जाएगा। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
                  औद्योगिक भूमि नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, इससे औद्योगिक भूमि के उपयोग को सरल बनाने, भूखंडों की उपलब्धता बढ़ाने, भूमि संबंधी विवाद कम करने और खाली अथवा अतिरिक्त भूमि का पारदर्शी ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन करने में मदद मिलेगी।
                 कृषक उन्नति योजना में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया है। धान खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय दोहराते हुए योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने का फैसला लिया गया है।
सरकार के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य किसानों को प्रोत्साहित करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना तथा उन्नत बीज, उर्वरक, कृषि यंत्रीकरण और नई कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा देना है।
               कैबिनेट के फैसलों का व्यापक असर
27 अक्टूबर की बैठक में लिए गए फैसलों में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, पर्यटन, खेल, औद्योगिक विकास और सरकारी प्रशासन से जुड़े विषय शामिल हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों, घरेलू बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, खिलाड़ियों, उद्यमियों और स्थानीय रोजगार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कई योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके क्रियान्वयन, पात्रता नियमों और निर्धारित समय-सीमा पर निर्भर करेगा।


प्रदीप मिश्रा
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