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धान खरीदी में एक भी खसरा छूटा तो बढ़ेगी परेशानी! कलेक्टर ने 21 अक्टूबर तक मांगा पूरा हिसाब

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कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

52,689 किसान पंजीकृत, 306 का एग्रीस्टैक पंजीयन बाकी; 25 अक्टूबर तक धान खरीदी केंद्र तैयार करने के निर्देश

कोरबा ACGN:- खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर कोरबा जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में संबंधित अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की बैठक लेकर साफ निर्देश दिए कि धान खरीदी के दौरान किसानों को रकबा कम होने, खसरा छूटने या फसल प्रविष्टि में गलती जैसी किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने पंजीयन, एग्रीस्टैक और फसल मैपिंग से जुड़े सभी काम समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्ष पंजीकृत प्रत्येक किसान के सभी खसरों, फसलों और रकबे का एग्रीस्टैक में मिलान किया जाए। समिति प्रबंधक किसानों को समिति में बुलाकर ऑपरेटरों के माध्यम से बी-1 में दर्ज खसरों और फसलों की जांच कराएं। किसी भी पंजीकृत किसान का एक भी पात्र खसरा छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने तहसीलदार और एसडीएम को तहसीलवार एवं समितिवार प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए।


प्रशासन ने सभी समितियों को 21 अक्टूबर तक जांच पूरी कर प्रमाण-पत्र देने को कहा है कि पंजीकृत किसानों के सभी पात्र खसरे एग्रीस्टैक में दर्ज हैं। बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार जिले में 60 सक्रिय आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत 73 धान खरीदी केंद्र संचालित हैं। समिति स्तर पर कुल 52,689 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 52,383 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूरा हो चुका है, जबकि 306 किसानों का पंजीयन अभी शेष है। कलेक्टर ने शेष पंजीयन को जल्द पूरा कराने तथा अगले दो-तीन दिनों तक इसकी दैनिक प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।


विशेष श्रेणी के किसानों के मामलों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा। वनपट्टाधारी, डुबान क्षेत्र, शासकीय भूमि और शासकीय पट्टाधारी किसानों के प्रकरणों में भूमि विवरण, खसरे और अक्षांश-देशांतर से संबंधित प्रविष्टियां समय पर पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों के 7,541 खसरे अपडेट फार्मर रिक्वेस्ट आवेदन की प्रक्रिया के लिए लंबित हैं। कलेक्टर ने इनकी तहसीलवार सूची तैयार कर समितिवार संबंधित समितियों तक पहुंचाने और निराकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा। पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी यानी आरईओ स्तर पर लंबित प्रकरणों को भी समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वनपट्टाधारी और अन्य पात्र पट्टाधारी किसानों से संबंधित समितियों में आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 30 अक्टूबर के बाद प्राप्त आवेदन मान्य नहीं होंगे। इसलिए समितियों को आवेदन प्राप्त करने, दस्तावेजों का सत्यापन करने और आवश्यक प्रक्रिया समय रहते पूरी करने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र किसान का वास्तविक रकबा कम करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि पंजीयन और राजस्व अभिलेखों का सही तरीके से मिलान किया जाना जरूरी है।
धान खरीदी केंद्रों की तैयारियों को लेकर भी कलेक्टर ने समय-सीमा तय कर दी है। सभी केंद्रों को 25 अक्टूबर तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों में साफ-सफाई, नमी मापक यंत्रों का कैलिब्रेशन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट एवं तौल उपकरणों का सत्यापन, बायोमेट्रिक डिवाइस, बारदाने, जल निकासी, बैनर-पोस्टर और निगरानी समिति की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।


नए धान खरीदी केंद्रों में स्थल चयन के साथ कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, जनरेटर, ऑपरेटर और केंद्र प्रभारी की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों और ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 12 से 16 अक्टूबर तक, जिला एवं अनुविभाग स्तर का प्रशिक्षण 19 से 27 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। वहीं धान खरीदी केंद्रों की संभागवार समीक्षा और ट्रायल रन नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। किसानों के लिए टोकन की प्रक्रिया 6 नवंबर से शुरू होने तथा धान उपार्जन की अवधि 15 नवंबर से 31 जनवरी तक संभावित होने की जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने पीडीएस बारदानों का समय पर संग्रहण कराने और बारदानों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। बकेट क्लेम के लक्ष्य की भी समीक्षा की गई। प्रत्येक तहसीलदार को दस गांव चिन्हित कर पटवारियों के माध्यम से अक्टूबर माह में बकेट क्लेम की शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा गया है। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई है।
इसके अलावा पॉलीगॉन ऐप ट्रेसिंग में आ रही समस्याओं का समाधान करने और डिजिटल कृषि मोबाइल ऐप में प्रविष्टियों के लिए सर्वेयर लगाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जो किसान धान विक्रय नहीं करना चाहते, उनकी सहमति के आधार पर आवश्यक पंचनामा तैयार कराने को भी कहा गया है।
किसानों से कलेक्टर की अपील
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित समिति में जाकर अपने सभी खसरों का मिलान जरूर कराएं। किसान यह सुनिश्चित करें कि उनका कोई भी पात्र खसरा पंजीयन से छूटा न हो। खसरे या पंजीयन में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसे समिति स्तर पर तत्काल सुधरवाएं। उन्होंने समिति प्रबंधकों को भी किसानों की समस्याओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि धान बेचने के समय किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर, उप पंजीयक सहकारिता एम. मिंज, जिला विपणन अधिकारी ऋतुराज देवांगन, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी सुशील जोशी, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, बैंक मैनेजर, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, समिति प्रबंधक और समिति ऑपरेटर उपस्थित रहे।
धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासन का पूरा जोर पंजीयन और रिकॉर्ड की गड़बड़ियों को दूर करने पर है। अब किसानों के लिए भी जरूरी है कि वे खरीदी शुरू होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी समिति में पहुंचकर अपने खसरे, रकबे और फसल प्रविष्टि की जांच करा लें, ताकि खरीदी के समय किसी प्रकार की तकनीकी या अभिलेखीय परेशानी सामने न आए।


प्रदीप मिश्रा
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