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पंडो की जमीन का खेल! फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री का आरोपी कोरबा से गिरफ्तार

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रायगढ़, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संजय जेठवानी रायगढ़

ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत कापू पुलिस की कार्रवाई, तमिलनाडु के बाद कोरबा में बदलता रहा ठिकाना

रायगढ़ ACGN:- पंडो जनजाति की भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और पहचान के जरिए गैर-आदिवासी के नाम विक्रय कराने के मामले में कापू पुलिस ने फरार आरोपी सुखन राठिया पिता धनाराम राठिया, उम्र 50 वर्ष, निवासी बकालो को कोरबा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले तमिलनाडु और बाद में कोरबा में ठिकाना बदलकर रह रहा था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला ग्राम डुमरनारा की खसरा नंबर 409 की जमीन से जुड़ा है, जो पूर्व में राजस्व अभिलेखों में पंडो जनजाति के सदस्यों के नाम दर्ज थी। जांच में वर्ष 2023-24 के अभिलेखों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के जमीन को सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 21 फरवरी 2024 को जमीन का पंजीकृत विक्रय पत्र संतोष देवी गुप्ता निवासी रायपुर के नाम किया गया।
पुलिस जांच में जिस व्यक्ति को विक्रेता के रूप में प्रस्तुत किया गया, उसका वास्तविक नाम सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर बताया गया है। दस्तावेजों के सत्यापन में फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। पुलिस के अनुसार तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय की भूमिका भी जांच में सामने आई है।
इस मामले में 7 जुलाई 2026 को तहसीलदार कापू उन्मेश पटेल की रिपोर्ट पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120(बी) भादवि में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना में सुखन राठिया, संतोष देवी गुप्ता, संतन राठिया, जीवन वर्धन तथा तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय की भूमिका की जांच की गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सुखन राठिया ने अपना वास्तविक नाम स्वीकार करते हुए बताया कि उसका नाम सुखन पिता बजरंग रावत दर्शाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी और इसके एवज में उसे 10 हजार रुपये दिए गए थे। हालांकि इन बयानों और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं आगे की विवेचना में होगी।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय और रजिस्ट्री के गवाह अगस्तुस खलखो की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की तलाश तेज की गई थी। इसी क्रम में सुखन राठिया को कोरबा से पकड़ा गया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, लक्ष्मी कैवर्त तथा आरक्षक विभूति सिंह, कन्हैया भगत और हमराह स्टाफ द्वारा की गई।

प्रदीप मिश्रा
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