तकनीक से बदलेगा रायपुर का ट्रैफिक! NIT में हुआ Traffic Hackathon का फाइनल राउंड
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
37 टीमों के तकनीकी समाधानों की विशेषज्ञों ने की बारीकी से जांच, AI-आधारित यातायात प्रबंधन से लेकर पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन तक पर सामने आए नए सुझाव
रायपुर ACGN:- रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा आयोजित Traffic Hackathon 2026 का अंतिम प्रस्तुतीकरण चरण 27 सितंबर को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में संपन्न हुआ। ऑनलाइन प्राप्त प्रविष्टियों की दो-स्तरीय जांच के बाद छह प्रमुख विषयों के शीर्ष प्रतिभागियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया था।
हैकेथॉन के दौरान युवाओं और तकनीकी प्रतिभागियों ने रायपुर की यातायात व्यवस्था से जुड़ी अलग-अलग चुनौतियों के समाधान के लिए अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इनमें यातायात अभियांत्रिकी एवं प्रबंधन, पार्किंग प्रबंधन, गैर-मोटर चालित परिवहन, सार्वजनिक परिवहन एकीकरण, सुरक्षा एवं जाम-भीड़भाड़ समाधान तथा यातायात प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के एकीकरण जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम का पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) के निर्देशन में आयोजन किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला तथा पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) डॉ. अर्चना झा ने कार्यक्रम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को देखा और उनसे उनके प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा संभावित व्यवहारिक परिणामों के बारे में जानकारी ली। युवाओं द्वारा यातायात की समस्याओं को तकनीक के माध्यम से हल करने के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

विशेषज्ञों की नजर में तकनीकी समाधान
प्रतियोगियों के प्रोजेक्ट का तकनीकी और निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञ निर्णायक मंडल का गठन किया गया था। इसमें श्री डी. के. प्रधान, सेवानिवृत्त ई-इन-सी, पीडब्ल्यूडी, श्री शलील राय श्रीवास्तव, ई-इन-सी, एनआरडीए, डॉ. सनी देओल, सह प्राध्यापक, सिविल इंजीनियरिंग, एनआईटी रायपुर, श्री एस. एन. पाठक, पूर्व डीजीएम, सेल, श्रीमती स्नेहिल साहू, एसीपी यातायात रायपुर तथा श्री गुरजीत सिंह, डीएसपी रायपुर शामिल रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. पवन मिश्रा, सह प्राध्यापक, एनआईटी रायपुर भी उपस्थित रहे।
तकनीकी आकलन में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर की ओर से डॉ. अजय त्रिपाठी, मानद सचिव, श्री अरविंद रस्तोगी, हेड, टेक्नोवेशन्स भिलाई, श्री एस. एन. पाठक, पूर्व डीजीएम, सेल तथा श्री ए. वाई. वी. चेनुलू, डीजीएम, सीईटी/सेल ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
छह विषयों पर सामने आए समाधान
यातायात अभियांत्रिकी एवं प्रबंधन विषय में शुभम शर्मा, अदिति उपाध्याय, फरजान खान व अशर अमीन, वी. सुहासिनी, कृष्णा अग्रवाल एवं राजेश कुमार मिश्रा ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
पार्किंग प्रबंधन के क्षेत्र में फरजान खान व अशर अमीन, सारांश शिर्के, पार्थ-नित्या-सौम्या, प्रियांशु सिंह एवं परम शौर्य पतले ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

गैर-मोटर चालित परिवहन विषय में पूर्व कुमार साहू, फरजान खान व अशर अमीन, धैर्य वाधवा, अनिकेत पाठक एवं अंकित नारेडी ने समाधान प्रस्तुत किए।
सार्वजनिक परिवहन एकीकरण विषय में हर्षवर्धन सिंह बिष्ट, पूर्व कुमार साहू, शताक्षी त्रिपाठी, अशर अमीन, भावेश अग्रवाल व अविनाश चौधरी शामिल रहे।
सुरक्षा एवं जाम-भीड़भाड़ समाधान विषय में करण कुमार भारती, प्रवीण कुमार श्रीवास, अंकित, प्रवीण कुमार चौरे, कार्तिके पंत, कृष्णा एवं लंका तुषार ने अपने विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।
वहीं यातायात प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के एकीकरण विषय में तजेन्द्र चंद्राकर, राजेश कुमार मिश्रा, सागर साहू, वी. सुहासिनी, अक्षिता, अभिषेक मिश्रा, शुभम शर्मा, पीयूष देवांगन एवं श्री राम द्विवेदी ने भाग लिया।
अब बारी है विजेताओं की घोषणा की
विशेषज्ञ निर्णायक मंडल और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्टों की उपयोगिता, व्यवहारिकता और तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विजेताओं की घोषणा की जाएगी। चयनित विजेताओं के लिए अलग से कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
Traffic Hackathon 2026 से प्राप्त सुझावों और तकनीकी समाधानों का आगे गहन अध्ययन और विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार की संभावनाओं के अनुसार उपयोगी सुझावों को विधिवत लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस पहल से यह भी सामने आया है कि शहर की यातायात समस्याओं के समाधान में केवल पारंपरिक व्यवस्थाओं के बजाय युवाओं की तकनीकी सोच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और नए नवाचारों को भी जोड़ा जा सकता है। अब देखना होगा कि हैकेथॉन में सामने आए तकनीकी सुझावों में से कौन-कौन से समाधान वास्तव में रायपुर की सड़कों पर यातायात को बेहतर बनाने में जमीन पर उतर पाते हैं।
प्रदीप मिश्रा
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