जाजपुर में बाढ़ का कहर, 242 गांव जलमग्न; मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
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जाजपुर, ओड़िशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- ओड़िशा ब्यूरो – स्वामी बिजयानंद जी महाराज
बैतरणी खतरे के निशान से ऊपर, राहत-बचाव अभियान तेज; अगले 5 से 7 दिन तक स्थिति बने रहने की आशंका
जाजपुर ACGN:- जाजपुर जिले में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को दशरथपुर क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। जिले के आठ प्रखंडों के 242 गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दशरथपुर क्षेत्र में बैतरणी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि जेनापुर क्षेत्र में ब्राह्मणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया जा रहा है। दोनों नदियों और उनकी सहायक नदियों के संयुक्त प्रभाव से जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बरी, जाजपुर और दशरथपुर क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

बाढ़ का असर कृषि क्षेत्र पर भी व्यापक रूप से पड़ा है। बड़ी मात्रा में कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल प्रभावित होने से किसानों की आजीविका को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत सामग्री और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की टीमें जलस्तर, नदियों के प्रवाह और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के दौरे के दौरान प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत कार्यों की स्थिति और सामान्य जनजीवन को जल्द बहाल करने के उपायों की समीक्षा की गई। प्रशासन को बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने और बचाव कार्यों में तेजी बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
इधर, जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख दिलीप कुमार राउत ने बताया कि भारी बारिश के बाद ब्राह्मणी और बैतरणी नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। उनके अनुसार बैतरणी नदी का पानी पूरी तरह सामान्य होने में करीब चार दिन लग सकते हैं। हालांकि जाजपुर और भद्रक जिलों में स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और बारिश की तीव्रता कम होने के साथ नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है।

जाजपुर जिले में तटबंधों में हुए दो कटाव की मरम्मत का काम भी जारी है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सुवर्णरेखा और जलका नदियों में बाढ़ की स्थिति नहीं है। नदियों का जलस्तर सोमवार रात तक और बढ़ने की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार झारखंड में जारी बारिश और चांडिल बांध से आने वाले पानी पर भी नजर रखी जा रही है। बाढ़ की व्यापक स्थिति को देखते हुए राज्य और जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। बड़ी संख्या में गांवों के प्रभावित होने और कृषि भूमि जलमग्न होने के कारण आने वाले दिनों में राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

प्रदीप मिश्रा
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