एक रात… दो हत्याएं… 21 दिन बाद मां-बेटी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा बेनकाब हुआ 65 वर्षीय दरिंदा
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
65 की उम्र में हैवानियत की इंतहा: नातिन की उम्र की महिला से दुष्कर्म, लैलूंगा के छापरपानी गांव में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम बच्ची की हत्या का 21 दिन में रायगढ़ पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, वैज्ञानिक जांच और मनोवैज्ञानिक पूछताछ से 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार।
रायगढ़ ACGN :- रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम पुत्री की निर्मम हत्या के बहुचर्चित मामले का रायगढ़ पुलिस ने 21 दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य वारदात के आरोपी ग्राम कोड़ासिया निवासी 65 वर्षीय भिखारीराम नागवंशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में हत्या के साथ दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण प्रकरण की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह स्वयं लगातार मॉनिटर कर रहे थे। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने अपनी टीम के साथ कई दिनों तक ग्राम छापरपानी में कैंप लगाकर ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की और घटनास्थल से जुड़े हर छोटे-बड़े साक्ष्य को बारीकी से खंगाला।
पुलिस के अनुसार 16 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम छापरपानी में प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में रहने वाली 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली है, जबकि उसकी 10 माह की मासूम पुत्री मृत पड़ी है। महिला के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से किए गए कई वार के निशान थे। उपचार के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़, थाना लैलूंगा पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए। प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने और महिला का किसी से विवाद सामने नहीं आने के कारण मामला पूरी तरह अंधे कत्ल में बदल गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने गांव में लगातार डेरा डालकर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। मुखबिरों से मिले इनपुट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर ग्राम कोड़ासिया निवासी भिखारीराम नागवंशी (65 वर्ष) संदेह के दायरे में आया। पुलिस ने पाया कि उसके हाथ में चोट के निशान हैं। प्रारंभिक पूछताछ में वह बार-बार खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के सामने आखिरकार वह टूट गया और पूरे अपराध को स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान पहुंचा, जहां महिला अपनी 10 माह की बच्ची के साथ सो रही थी। उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने वहां रखी ईंट से महिला के सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने अचेत महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान बच्ची के रोने पर उसने उसका गला दबा दिया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खेतों के रास्ते अपने घर पहुंचा और घटना के समय पहनी हुई खून से सनी धोती बदलकर छिपा दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वही खून से सनी धोती बरामद कर ली, जो इस मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी। विवेचना के दौरान हत्या के साथ भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म संबंधी धाराएं 64 एवं 66 भी जोड़ी गईं। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस जघन्य दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक चमार साय, विनोद कुजूर सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि “संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अपराधों के खुलासे में वैज्ञानिक जांच, सतत निगरानी और टीमवर्क सबसे बड़ी ताकत है। महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
प्रदीप मिश्रा
संपादक, अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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