स्वच्छ ऊर्जा में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास, SASCI योजना में 50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पाने वाला देश का पहला राज्य
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) नीति को मिली राष्ट्रीय पहचान, किसानों की आय, हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा नया बल
रायपुर ACGN:- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्य में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकोसिस्टम के विकास के लिए पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है और यह सफलता राज्य की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग तथा छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में परिवर्तनकारी साबित होगी। कृषि अवशेषों और पैडी स्ट्रॉ जैसे बायोमास का वैज्ञानिक उपयोग होने से किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा, वहीं पराली जलाने जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैविक खेती को भी नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को जैव ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। सीबीजी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से निवेश, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और हरित विकास को नई गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार ने 8 जून 2026 को छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 अधिसूचित की थी। इस नीति के माध्यम से कृषि अपशिष्ट, पैडी स्ट्रॉ और अन्य जैव अवशेषों का उपयोग कर स्वच्छ गैसीय ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। इससे किसानों को बायोमास की बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, जबकि संयंत्रों से निकलने वाली जैविक खाद खेती की गुणवत्ता सुधारने में सहायक बनेगी।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया है। इसी दिशा में 3 अगस्त 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री सुबोध कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीबीजी परियोजनाओं के त्वरित विकास, बायोमास संग्रहण व्यवस्था, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, जैव उर्वरक के उपयोग और निवेश प्रोत्साहन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार ने राज्य में प्रस्तावित सीबीजी संयंत्रों, निवेश की संभावनाओं और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुधन विकास, परिवहन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में हरित उद्योगों का विस्तार होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
प्रदीप मिश्रा
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