ओड़िशा कैबिनेट की 45वीं बैठक में 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, कृषि और सिंचाई को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
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भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज
2,200 करोड़ रुपये की कृषि यंत्रीकरण योजना को पांच वर्ष का विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं पर भी कैबिनेट की बड़ी स्वीकृति।
भुवनेश्वर ACGN:- मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में शनिवार को लोकसेवा भवन में राज्य मंत्रिमंडल की 45वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्त, विधि, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति विकास, कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, आवास एवं शहरी विकास तथा जल संसाधन विभागों से संबंधित कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने कृषि के आधुनिकीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

कैबिनेट ने राज्य की “कृषि उपकरण, मशीनरी एवं डीजल पंपसेट आदि के लोकप्रियकरण” योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना पर लगभग 2,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 3.79 लाख किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कंबाइन हार्वेस्टर सहित आधुनिक कृषि उपकरणों की खरीद पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ेगा, उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। इससे पहले वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान इस योजना का लाभ 2.54 लाख से अधिक किसानों को मिल चुका है।

जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव के तहत कैबिनेट ने एकीकृत आनंदपुर बैरेज परियोजना के अंतर्गत बालेश्वर जिले में भूमिगत पाइपलाइन आधारित सिंचाई प्रणाली के निर्माण को भी मंजूरी प्रदान की है। लगभग 145.71 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से शोरो और आऊपड़ा ब्लॉक के 7,171.77 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। सालंदी लेफ्ट मेन कैनाल से गुरुत्वाकर्षण आधारित भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। परियोजना को 24 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इसके संचालन एवं रखरखाव पर अगले पांच वर्षों में लगभग 7.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने आनंदपुर बैरेज परियोजना के शेष 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पहले प्रस्तावित खुली नहर प्रणाली के स्थान पर भूमिगत पाइपलाइन आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित करने का भी निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याएं कम होंगी और परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। पूरी परियोजना के पूर्ण होने के बाद केन्दुझर और बालेश्वर जिलों के लगभग 60 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
कैबिनेट ने पार्वती गिरी मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के अंतर्गत खुर्दा और पुरी जिलों के लिए 234.79 करोड़ रुपये की लागत वाली एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत महानदी और दया नदी से पानी उठाकर दबावयुक्त पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत पांच नई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का निर्माण होगा, जिससे लगभग 7,700 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। इससे खुर्दा जिले के 54 गांवों और पुरी जिले के 38 गांवों सहित कुल 92 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना के संचालन एवं रखरखाव पर अगले 15 वर्षों में लगभग 21.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे तथा इसे 36 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विस्तार होगा, सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी और किसानों की उत्पादकता तथा आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदीप मिश्रा
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