ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत ₹32 लाख की धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संजय जेठवानी
फर्जी बिल-वाउचर बनाकर ट्रांसपोर्ट कंपनी से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी चार माह बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा।
रायगढ़ ACGN :- रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी से लगभग 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी को दरोगापारा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 24 मार्च 2026 को ढिमरापुर चौक स्थित श्रीराम ट्रांसपोर्ट के संचालक कमल किशोर शाह ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा ट्रांसपोर्ट वाहनों के फर्जी बिल और वाउचर तैयार कर भुगतान कराया जा रहा था। जांच में सामने आया कि सितंबर 2025 से एक ही क्रमांक के डुप्लीकेट वाउचर तैयार कर अलग-अलग वाहनों के नाम पर भुगतान लिया गया। इस फर्जीवाड़े में कई लोगों के बैंक खातों का उपयोग कर कंपनी से लगभग 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस ने बिल-वाउचरों में दर्ज वाहन नंबरों का परिवहन विभाग से सत्यापन कराया। जांच में कई वाहन नंबर दोपहिया और निजी वाहनों के निकले, जिनका माल परिवहन या संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी से कोई संबंध नहीं था। वाहन मालिकों ने भी पुलिस को बताया कि उन्होंने कभी उक्त कंपनी के लिए परिवहन कार्य नहीं किया।
लगातार फरार चल रहे आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने दरोगापारा स्थित घर के आसपास देखा गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने दबिश देकर 29 जुलाई 2026 को आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर विभिन्न वाहन नंबरों के माध्यम से भुगतान प्राप्त किया। धोखाधड़ी से प्राप्त राशि अलग-अलग बैंक खातों, क्यूआर कोड और ऑनलाइन भुगतान माध्यमों के जरिए वापस आरोपियों तक पहुंचाई जाती थी।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि धोखाधड़ी से प्राप्त करीब 32 लाख रुपये में से लगभग 16 से 17 लाख रुपये उसके साथी एवं अन्य सहयोगियों को दिए गए, जबकि करीब 15 लाख रुपये उसके हिस्से में आए। उसने बताया कि प्राप्त राशि में से लगभग 4 लाख रुपये अपनी मां के इलाज में खर्च किए तथा शेष रकम व्यक्तिगत खर्च और घूमने-फिरने में खर्च कर दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह, आरक्षक कमलेश यादव तथा आरक्षक कोमल तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है। व्यापारियों और आम नागरिकों के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आरोपी का नाम :
दीपक शर्मा पिता शंकरलाल शर्मा, उम्र 32 वर्ष, निवासी दरोगापारा, रायगढ़।
प्रदीप मिश्रा
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