मलेरिया की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 41 मरीज मिलने पर गांवों में 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
विमलता और रफता में घर-घर बुखार सर्वे, जांच और उपचार जारी, गंभीर मरीजों को किया जा रहा रेफर
कोरबा ACGN:- कोरबा विकासखंड के मलेरिया प्रभावित ग्राम विमलता और रफता में मलेरिया के 41 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर कुणाल की दावत के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने गुरुवार को दोनों गांवों का सघन निरीक्षण कर मौके पर तैनात मेडिकल टीमों द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक गांवों में लगातार निगरानी, जांच और उपचार का कार्य जारी रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेष, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर शिंदे, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक राज तथा बीपीएम व्यास कोशले भी मौजूद रहे। टीम ने रैपिड फीवर सर्वे, मलेरिया किट से जांच, रक्त स्लाइड संग्रहण, दवाइयों की उपलब्धता और लार्वा नियंत्रण संबंधी गतिविधियों का जायजा लिया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला परजीवी जनित रोग है। इसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी और अत्यधिक पसीना आना हैं। समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
उन्होंने बताया कि दोनों गांवों में एहतियात के तौर पर 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात की गई है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर रहे हैं, मलेरिया किट से तत्काल जांच कर रहे हैं तथा रक्त स्लाइड भी एकत्रित की जा रही है। सामान्य मरीजों का मौके पर उपचार किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जा रहा है। मलेरिया की दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गुरुवार को एक गंभीर मरीज को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। वहीं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्यांग की एंबुलेंस भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात की गई है।
डॉ. केशरी ने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक बुखार पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, घर और आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढंककर रखने तथा पूरी बांह के कपड़े पहनने के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने आमजन से अपील की कि बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मलेरिया की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, उचित उपचार और जनसहभागिता से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
प्रदीप मिश्रा
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