नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , आरटीआई जनहित का हथियार या दबाव का जरिया? आदिवासी महिला सरपंच के मामले ने उठाए बड़े सवाल – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

आरटीआई जनहित का हथियार या दबाव का जरिया? आदिवासी महिला सरपंच के मामले ने उठाए बड़े सवाल

<p>कोरबा, छत्तीसगढ़ By ACGN – 7647981711, 9303948009 8.71 लाख रुपये की शिकायत के बाद पत्रकारिता…</p>
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

8.71 लाख रुपये की शिकायत के बाद पत्रकारिता और आरटीआई के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल, आदिवासी संगठन ने जिलाधीश से निष्पक्ष जांच की मांग की

कोरबा ACGN:- कोरबा जिले के जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा की आदिवासी महिला सरपंच श्रीमती तेरस कंवर के खिलाफ की गई शिकायत अब केवल वित्तीय आरोपों तक सीमित नहीं रह गई है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद की महिला प्रभाग की कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती गंगोत्री कंवर ने जिलाधीश को पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पत्र में 15वें वित्त आयोग की 8 लाख 71 हजार 438 रुपये की कथित राशि से संबंधित शिकायत का उल्लेख है। शिकायत जनदर्शन टोकन क्रमांक 2050126002442, दिनांक 22 जून 2026 के माध्यम से किए जाने की जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ता का नाम पत्र में दर्ज है, जो स्वयं को पत्रकार एवं आरटीआई कार्यकर्ता बताता है।

आदिवासी विकास परिषद के द्वारा दिया गया पत्र


पत्र के अनुसार शिकायत के बाद जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा वरिष्ठ करारोपण अधिकारी रामकुमार पैकरा को जांच की जिम्मेदारी दी गई। संगठन ने जांच की प्रक्रिया और पंचायत के अन्य कार्यों को 15वें वित्त आयोग से जोड़कर प्रस्तुत किए जाने की आशंका पर भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संगठन का कहना है कि यदि पंचायत में वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि शिकायत तथ्यहीन है तो शिकायत के पीछे की मंशा की भी जांच जरूरी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।


व्यक्ति वास्तव में पत्रकार है या नहीं, जांच जरूरी – गंगोत्री कंवर ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पत्रकार या आरटीआई कार्यकर्ता बताकर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय है तो प्रशासन को उसकी पत्रकारिता और आरटीआई गतिविधियों की भी नियमानुसार जांच करनी चाहिए। यदि किसी पत्रकार या अन्य व्यक्ति के खिलाफ दबाव बनाने की शिकायत आती है तो उस शिकायत की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनहित में आरटीआई लगाना स्वागत योग्य है, लेकिन किसी व्यक्ति विशेष को परेशान करने अथवा दबाव बनाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
आदिवासी महिला सरपंचों पर दबाव की शिकायतों पर हो कार्रवाई
गंगोत्री कंवर ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में आदिवासी महिला सरपंचों और पंचायत सचिवों पर यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता या आरटीआई के नाम पर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास करता है तो जनप्रतिनिधियों को चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में सक्षम अधिकारी को शिकायत करनी चाहिए और प्रशासन को तथ्य के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वास्तविक पत्रकार किसी व्यक्ति पर दबाव नहीं बनाता। वह गांव की समस्याएं सुनता है, मौके की स्थिति देखता है और जनता की आवाज को समाचार के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुंचाता है।
निष्पक्ष पत्रकारिता का हो सम्मान – संगठन ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में निष्पक्ष पत्रकारिता की जरूरत सबसे अधिक है। सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने वाले पत्रकार शासन और जनता के बीच सेतु का काम करते हैं।
ऐसे पत्रकारों का प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सहयोग करना चाहिए। वहीं यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाने का प्रयास करता है तो उसकी शिकायत की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक पत्रकारों की छवि प्रभावित न हो।
गंगोत्री कंवर ने कहा कि प्रशासन को वास्तविक पत्रकारों और वेब पोर्टलों की गतिविधियों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनानी चाहिए तथा जनहित में लगातार काम करने वाले पत्रकारों को प्रोत्साहित और सम्मानित भी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कोरबा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर आदिवासी महिला सरपंचों से मुलाकात की जाएगी और उन्हें एकजुट कर ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य किया जाएगा।
अब इस मामले में प्रशासन के सामने दोहरी जिम्मेदारी है। एक ओर 8.71 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की सच्चाई सामने आनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर शिकायत की मंशा और पत्रकारिता या आरटीआई के नाम पर किसी प्रकार का अनुचित दबाव तो नहीं बनाया गया, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मामला किसी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष का नहीं, बल्कि पारदर्शिता, महिला जनप्रतिनिधियों की गरिमा और निष्पक्ष पत्रकारिता की विश्वसनीयता का है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now