नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , राष्ट्रपति भवन में गूंजेगी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं का सम्मान – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

राष्ट्रपति भवन में गूंजेगी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं का सम्मान

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा राष्ट्रपति भवन का दौरा, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान।

रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने जा रही है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट करेगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों का सम्मान करेंगी।
प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, परगना मांझी, मांझी, चालकी, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल रहेंगी। राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह के साथ विशेष भोज का भी आयोजन किया गया है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करने के साथ नई दिल्ली के प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का भी अवलोकन करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों और पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय समाज के प्रति पूरे देश के सम्मान का प्रतीक है।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोक जीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त माध्यम बन चुका है तथा राष्ट्रपति भवन में होने वाला सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।
संस्कृति विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बस्तर पंडुम आज देश के सबसे महत्वपूर्ण जनजातीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। इस आयोजन ने लोक कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने, जनजातीय ज्ञान परंपरा का दस्तावेजीकरण करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम ने विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी। वर्ष 2026 में महोत्सव का विस्तार करते हुए प्रतियोगिताओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 कर दी गई। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि सहित विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया था, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। महोत्सव में जनजातीय शिल्प, हस्तशिल्प, वन-औषधियों, पारंपरिक आभूषणों और लोक व्यंजनों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। साथ ही महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के कलाकारों की सहभागिता ने इसे राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का स्वरूप प्रदान किया।
राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय गौरव का प्रतीक होगा, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी साबित होगा।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now