₹5000 करोड़ का मास्टर प्लान…आखिर जमीन के नीचे कौन-सा खजाना तलाश रही है मेटल किंग अनिल अग्रवाल की कंपनी ?
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
नई दिल्ली
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :-
हिंदुस्तान जिंक ने क्षमता विस्तार और नई परियोजनाओं के लिए बनाया बड़ा निवेश प्लान, अगले कुछ वर्षों में खनन क्षेत्र में दिखेगा बड़ा बदलाव।
नई दिल्ली ACGN:- देश के ‘मेटल किंग’ अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाले वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने खनन और धातु उद्योग में एक और बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर ली है। कंपनी चालू वित्त वर्ष में लगभग 50 से 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब ₹5,000 करोड़) का पूंजीगत निवेश करेगी। इस निवेश का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि नई तकनीकों के साथ खनन क्षमता का विस्तार करना और भविष्य की बड़ी परियोजनाओं को गति देना भी है। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण मिश्रा ने निवेश योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले वर्षों में हिंदुस्तान जिंक देश के खनन क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
कंपनी के अनुसार प्रस्तावित निवेश का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पहले से चल रही परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा, जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि नई परियोजनाओं के विकास के लिए निर्धारित की गई है। इन नई परियोजनाओं की घोषणा निकट भविष्य में किए जाने की संभावना है। कंपनी का मानना है कि इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, आधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा और संचालन पहले से अधिक प्रभावी बन सकेगा।
हिंदुस्तान जिंक ने अपनी कुल 10 लाख टन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें से 2.5 लाख टन क्षमता विस्तार को पहले ही लगभग ₹12,000 करोड़ के निवेश के साथ मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना के तहत खनन, खनिज प्रसंस्करण और स्मेल्टर से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कंपनी ने खनन उपकरणों के बड़े ऑर्डर जारी कर दिए हैं और स्मेल्टर निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है, जबकि मिलिंग और कंसंट्रेट से जुड़े अन्य उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि शेष 6.5 लाख टन क्षमता विस्तार के लिए अगले चार से पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भारी निवेश किया जाएगा। इस दौरान कंपनी का औसत वार्षिक पूंजीगत व्यय ₹7,000 से ₹8,000 करोड़ तक रहने का अनुमान है। हालांकि चालू वित्त वर्ष में इस निवेश का केवल 15 से 20 प्रतिशत ही वास्तविक नकद व्यय के रूप में सामने आएगा, जबकि शेष राशि परियोजनाओं की प्रगति के अनुसार खर्च होगी।
हिंदुस्तान जिंक आज देश की सबसे बड़ी जस्ता (जिंक) उत्पादक कंपनियों में शामिल है। इसके साथ ही कंपनी सीसा और चांदी के उत्पादन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर लगातार निवेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए निवेश से भारत के खनन क्षेत्र को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और धातु उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
कंपनी के शेयरधारिता ढांचे पर नजर डालें तो वेदांता लिमिटेड की हिंदुस्तान जिंक में 60.71 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि भारत सरकार के पास 27.92 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी हुई है। ऐसे में कंपनी का यह निवेश न केवल उद्योग जगत बल्कि निवेशकों और खनन क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


