बाहुड़ा यात्रा: श्रीगुंडीचा से श्रीमंदिर लौटेंगे महाप्रभु, भक्तिमय हुआ श्रीक्षेत्र पुरी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
पुरी, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज
लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम
पुरी ACGN :- विश्वविख्यात श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के अंतिम चरण पवित्र बाहुड़ा यात्रा का आयोजन आज शुक्रवार को पूरे धार्मिक विधि-विधान, परंपरा और भव्यता के साथ किया जा रहा है। श्रीगुंडीचा मंदिर में कई दिनों के प्रवास एवं भक्तों को दर्शन देने के पश्चात भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान सुदर्शन अपने-अपने दिव्य रथों पर विराजमान होकर पुनः श्रीमंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे। इस पावन अवसर पर पूरी नगरी पूरी तरह भक्तिरस में डूबी हुई है।

बाहुड़ा यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं ने श्रीगुंडीचा मंदिर में महाप्रभु के आड़प दर्शन का पुण्य लाभ लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में पहुंचना शुरू कर दिया। मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्रीमंदिर प्रशासन ने शाम 6 बजे तक आड़प दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की।

महाप्रभु के श्रीमंदिर लौटने के इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। रथों के दर्शन और रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। पूरे श्रीक्षेत्र में भजन-कीर्तन, शंखध्वनि और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, सुरक्षा कर्मियों तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर और उसके आसपास 31 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन के अनुसार लगभग 12,330 हल्के वाहनों तथा 18,000 से अधिक दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। भुवनेश्वर मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए भी अलग यातायात व्यवस्था लागू की गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दें तथा धैर्य और अनुशासन बनाए रखें, जिससे बाहुड़ा यात्रा शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
धार्मिक मान्यता के अनुसार बाहुड़ा यात्रा केवल भगवान श्रीजगन्नाथ के श्रीमंदिर लौटने का पर्व नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के मिलन का दिव्य उत्सव है। इस पावन अवसर पर पूरी नगरी को “मर्त्य वैकुंठ” के रूप में देखा जाता है, जहां श्रद्धालु स्वयं को भगवान की कृपा से धन्य महसूस करते हैं।
प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें
अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें : 7647981711, 9303948009
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


