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श्रीमंदिर रत्न भंडार के बहुमूल्य आभूषणों की गणना पूरी, पहली बार तैयार हुआ 3डी डिजिटल रिकॉर्ड

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पुरी, ओडिशा

By ACGN 7647981711, 9303948009

ओड़िशा ब्यूरो : स्वामी बिजयानंद जी महाराज

पुरी ACGN:- श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में सुरक्षित भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान श्रीबलभद्र एवं देवी सुभद्रा के बहुमूल्य आभूषणों की गणना एवं सत्यापन का कार्य लगभग दो माह बाद रविवार को पुनः प्रारंभ किया गया। इस दौरान देव स्नान पूर्णिमा एवं भगवानों के श्रृंगार में प्रयुक्त आभूषणों की गिनती, वजन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी के साथ पहली बार उनकी 3डी मैपिंग कर डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया गया। पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार संपन्न हुई।

श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बताया कि रविवार को भगवान श्रीबलभद्र, देवी सुभद्रा एवं भगवान श्रीजगन्नाथ के रत्नजड़ित चिता, राहु रेखा, सुआ ठांठिया, रजत रसिका सहित अनेक बहुमूल्य आभूषणों की गिनती और वजन किया गया। सत्यापन के बाद सभी आभूषणों को पुनः सुरक्षित रूप से भंडार में मेकाप सेवायतों को सौंप दिया गया।

उन्होंने बताया कि रत्न विशेषज्ञों एवं जेमोलॉजिस्ट की टीम ने प्रत्येक आभूषण में जड़े बहुमूल्य रत्नों की वैज्ञानिक जांच की तथा वर्ष 1978 में तैयार आधिकारिक सूची से उनका मिलान किया। जांच में यह सुनिश्चित किया गया कि सभी आभूषण सुरक्षित हैं और रिकॉर्ड के अनुरूप उपलब्ध हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे दुर्लभ एवं ऐतिहासिक आभूषणों का भी सत्यापन किया गया, जिनके दर्शन सामान्य श्रद्धालुओं को कभी नहीं हो पाते।

रत्न भंडार निरीक्षण समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने बताया कि सरकार की अतिरिक्त एसओपी के तहत रत्न भंडार के बाहर सुरक्षित रखे गए आभूषणों की गणना सुबह 11:36 बजे प्रारंभ हुई और लगभग 1:58 बजे पूरी हुई।

उन्होंने बताया कि भीतरी रत्न भंडार में रखे अधिकांश आभूषणों की गणना एवं सूचीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि झोबा आभूषण वर्तमान में भगवान के श्रृंगार में उपयोग होने के कारण उसकी गणना नहीं की जा सकी। भगवान के श्रीमंदिर लौटने के बाद शेष आभूषणों का सूचीकरण एवं सत्यापन भी पूरा किया जाएगा।

श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार पहली बार आधुनिक तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया यह 3डी डिजिटल रिकॉर्ड भविष्य में रत्न भंडार के बहुमूल्य आभूषणों के संरक्षण, सत्यापन और सुरक्षित प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रदीप मिश्रा

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