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छत्तीसगढ़ के पर्यटन वैभव की पूर्व पर्यटन महानिदेशक ने की सराहना

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

संवाददाता :- अनादि पांडेय


14 दिवसीय भ्रमण के बाद बोलीं- हर पर्यटक की यात्रा सूची में होना चाहिए छत्तीसगढ़

रायपुर ACGN:- भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पूर्व महानिदेशक श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने 14 दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं की खुलकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के सबसे समृद्ध और मौलिक पर्यटन स्थलों में से एक है तथा इसे हर पर्यटक की यात्रा सूची में शामिल होना चाहिए।

पहली बार पर्यटक के रूप में छत्तीसगढ़ पहुंचीं श्रीमती शर्मा ने कहा कि लंबे समय तक पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने के बावजूद उन्हें इस प्रदेश को इतने करीब से देखने का अवसर अब मिला। उन्होंने बताया कि यहां के घने वन, जलप्रपात, प्राचीन मंदिर, जनजातीय जीवन, हस्तशिल्प और स्थानीय लोगों का आत्मीय व्यवहार उन्हें बेहद प्रभावित कर गया।

उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन और जनजातीय संग्रहालय, कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल तथा छेरकी महल का भ्रमण किया। अमरकंटक में मां नर्मदा उद्गम स्थल, कपिलधारा और दूधधारा जलप्रपात सहित धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भी अवलोकन किया। वापसी में उन्होंने रतनपुर स्थित मां महामाया शक्तिपीठ में दर्शन किए।

बस्तर प्रवास के दौरान उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, टाटामारी घाटी, कोंडागांव शिल्प ग्राम, नारायणपाल मंदिर, मेंदरी घुमर और तामड़ा घुमर जलप्रपात का भ्रमण किया। दंतेवाड़ा के मां दंतेश्वरी मंदिर, बारसूर के प्राचीन मंदिरों, जगदलपुर पुरातत्व संग्रहालय और बस्तर राजमहल का भी अवलोकन किया। उन्होंने बस्तर की ढोकरा कला, बेलमेटल शिल्प और बांस-लकड़ी की कलाकृतियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने योग्य बताया।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़ जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं और बांस राफ्टिंग का अनुभव लेने के बाद उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र प्रकृति और साहसिक पर्यटन के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यात्रा के दौरान उन्होंने ओडिशा के कोरापुट और आसपास के क्षेत्रों का भी भ्रमण कर बस्तर और कोरापुट की साझा सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझा।

श्रीमती शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि यहां के कम चर्चित पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए तो यह राज्य देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में शामिल हो सकता है। उन्होंने राज्य में विकसित हो रही पर्यटन अधोसंरचना और स्थानीय समुदाय की भागीदारी की भी सराहना की।

उन्होंने देश-विदेश के पर्यटकों से छत्तीसगढ़ आने का आग्रह करते हुए कहा कि यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मीय आतिथ्य की अविस्मरणीय यादें लेकर लौटेगा।

प्रदीप मिश्रा

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