असंगठित श्रमिकों के लिए राज्य सरकार का बड़ा फैसला, ई-रिक्शा अनुदान बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- अनादि पांडेय
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक, गिग वर्कर्स, चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए नई योजनाएं बनाने का निर्णय
रायपुर ACGN :- छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कई बड़े निर्णय लिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की प्रथम बैठक में श्रमिकों के हितों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना रहा।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ई-रिक्शा सहायता योजना को लेकर लिया गया। अब तक इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि अनुदान राशि बढ़ने से अधिक से अधिक श्रमिक स्वयं का रोजगार शुरू कर सकेंगे तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

बैठक में तेजी से बढ़ रहे डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों (गिग वर्कर्स) को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए उनके लिए अलग से विशेष कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी, जिससे उन्हें भी अन्य श्रमिकों की तरह सरकारी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत चरवाहों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अलग योजना तैयार करने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य इस वर्ग को भी योजनाबद्ध तरीके से सहायता प्रदान कर उनकी आजीविका को मजबूत बनाना है।
बैठक में असंगठित क्षेत्र के मेधावी एवं प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए नई शिक्षा प्रोत्साहन योजना लाने पर भी सहमति बनी। इस योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपनी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रख सकें।

श्रमिकों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक समग्र बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके माध्यम से श्रमिकों एवं उनके परिवारों को विभिन्न प्रकार की आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बैठक में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि असंगठित बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा तथा पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार पुस्तिकाओं, पाम्पलेटों और चित्रमय सामग्री के माध्यम से किया जाए ताकि अधिक से अधिक श्रमिक योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकें। साथ ही हितग्राहियों के आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मंडल के सदस्य एवं विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एवं नोडल अधिकारी श्री एस.एल. जांगड़े, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता, भारतीय जीवन बीमा निगम के महाप्रबंधक, उप श्रमायुक्त एवं प्रभारी अधिकारी श्री एस.एस. पैकरा सहित वित्त विभाग और श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में श्रमिक कल्याण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रदीप मिश्रा
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