टिटलागढ़ में उमड़ा आदिवासी जनसैलाब, 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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बलांगीर, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- चम्पक अग्रवाल
आदिवासी अधिकार, जल-जंगल-जमीन और रोजगार सहित विभिन्न मुद्दों पर विशाल रैली, मांगें पूरी नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
बलांगीर ACGN :- जिला आदिवासी कल्याण संघ, बलांगीर के आह्वान पर टिटलागढ़ में सोमवार को विशाल आदिवासी मेला एवं जनआंदोलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में टिटलागढ़ ब्लॉक सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों आदिवासी पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। आंदोलन के दौरान राष्ट्रपति और ओडिशा के मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी के माध्यम से 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत घंटासुनी मंदिर से निकाली गई भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा से हुई। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निकली रैली ने आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक प्रस्तुत की। पूरे नगर में आदिवासी अधिकारों और संवैधानिक संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए गए।
शोभायात्रा उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उपजिलाधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने से कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी, बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ज्ञापन स्वीकार किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार की कथित आदिवासी विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए जल, जंगल, जमीन, वनाधिकार, शिक्षा, रोजगार, पदोन्नति और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ आदिवासी नेता निरंजन बिशी ने कहा कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से न्याय, सम्मान और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में अन्वेषा योजना में पुनः प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने, बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम के आदिवासी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता बहाल करने, वन अधिकार अधिनियम के तहत वनभूमि के पट्टे देने, आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, भूमिहीन परिवारों को सरकारी भूमि उपलब्ध कराने, पंचायत चुनावों में पर्याप्त आरक्षण सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा की अनुमति के बिना प्रस्तावित खनन परियोजनाओं को निरस्त करने सहित कई मांगें शामिल हैं। साथ ही राज्य को नशामुक्त बनाने और धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग भी उठाई गई।
सभा को परमानंद माझी, भानु प्रताप सिंह माझी, श्रीमती बनलता माझी, पद्मन प्रधानी, मनोरंजन भोई, राजीव कुआंर, चौबन किशोर माझी, संतोष पुटा, रसिका धरुआ, चंद्रशेखर बरिहा, नित्यानंद माझी, थबिर पुजारी और घासीराम माझी सहित अनेक आदिवासी नेताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम के अंत में आदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे ओडिशा में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
प्रदीप मिश्रा
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