नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , 27 वर्षों की सेवा के बाद सफाईकर्मियों को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बैंक को 20-20 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

27 वर्षों की सेवा के बाद सफाईकर्मियों को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बैंक को 20-20 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कटक/ओड़िशा

By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजया नंद जी महाराज

नियमितीकरण की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट का फैसला, दोनों कर्मचारियों को आठ सप्ताह में भुगतान के निर्देश

कटक ACGN:- ओड़िशा उच्च न्यायालय ने लंबे समय से नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे दो दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों को बड़ी राहत देते हुए एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को दोनों कर्मचारियों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति कृष्ण एस. दीक्षित और न्यायमूर्ति चित्तरंजन दाश की खंडपीठ ने 23 जून को मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। दोनों कर्मचारी मायाधर नायक और बईना नायक वर्ष 1995 से भुवनेश्वर स्थित सरकारी कोषागार शाखा में दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत थे।
दोनों कर्मचारियों ने अपनी सेवा को नियमित करने की मांग को लेकर करीब 27 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने का प्रयास भी किया।
बैंक की ओर से दोनों कर्मचारियों को पांच-पांच लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे कर्मचारियों ने अस्वीकार करते हुए 25-25 लाख रुपये की मांग रखी थी। अदालत ने बैंक के प्रस्ताव को कर्मचारियों की लंबी सेवा अवधि को देखते हुए काफी कम बताया।
हाईकोर्ट ने कहा कि दोनों कर्मचारियों ने लगभग तीन दशक तक संस्था को अपनी सेवाएं दी हैं। हालांकि अदालत ने कर्मचारियों की 25-25 लाख रुपये की मांग को भी अधिक मानते हुए दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए 20-20 लाख रुपये का मुआवजा उचित बताया।
अदालत ने बैंक को निर्देश दिया है कि आठ सप्ताह के भीतर दोनों कर्मचारियों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर पहले महीने एक प्रतिशत और इसके बाद प्रत्येक माह दो प्रतिशत ब्याज देना होगा।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है और इसे भविष्य के अन्य मामलों के लिए नजीर नहीं माना जाएगा।

प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हमारी टीम का हिस्सा बने और अपने क्षेत्र के समाचार और विज्ञापन प्रसारित करने हेतु संपर्क करें 7647981711, 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now