नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , क्षेत्रीय एफएसएल में शुरू हुई वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया, गांजा परीक्षण के साथ खुला नया अध्याय – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

क्षेत्रीय एफएसएल में शुरू हुई वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया, गांजा परीक्षण के साथ खुला नया अध्याय

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायगढ़ छत्तीसगढ़

By ACGN 7647 98171193039 48009

संवाददाता :- संजय जेठवानी


रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस को मिलेगा स्थानीय फॉरेंसिक जांच का लाभ, विवेचना में आएगी तेजी

रायगढ़ ACGN:- अपराध अनुसंधान को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में रायगढ़ पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है। रायगढ़ में स्थापित क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब रायगढ़ सहित सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के थानों में जप्त मादक पदार्थ, व्हीसरा और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच स्थानीय स्तर पर की जा सकेगी।


क्षेत्रीय एफएसएल रायगढ़ में पहला जप्त मादक पदार्थ थाना लैलूंगा द्वारा एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में परीक्षण के लिए जमा कराया गया। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने पुलिस टीम के साथ गांजा को वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल में प्रस्तुत किया।
बता दें कि इससे पहले इन जिलों की पुलिस को मादक पदार्थ, ब्लड सैंपल, व्हीसरा, स्लाइड, केमिकल और अन्य जांच के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजना पड़ता था। जिसके कारण कई बार जांच रिपोर्ट आने में समय लगता था और अपराधों की विवेचना प्रभावित होती थी।
रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अब अधिकांश वैज्ञानिक जांच स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगी। इससे पुलिस को समय पर रिपोर्ट मिलेगी और गंभीर अपराधों की जांच में तेजी आएगी। साथ ही न्यायालयीन प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि 17 मई 2026 को सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ किया था। इस प्रयोगशाला में नारकोटिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से जुड़े परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि वर्तमान आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका काफी बढ़ गई है। वैज्ञानिक जांच से अपराधों की विवेचना अधिक सटीक और प्रभावी होगी।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि नए कानूनों के तहत वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना को प्राथमिकता दी जा रही है। रायगढ़ में एफएसएल की सुविधा शुरू होने से पुलिस जांच की गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता में सुधार होगा तथा अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
यह सुविधा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now