संवेदना की मिसाल: शिक्षकों ने पाँच-पाँच सौ रुपये जोड़कर खड़ा किया सहारे का मजबूत हाथ, अब तक 31 लाख रुपये की सहायता
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
संयुक्त संवेदना समिति की अनूठी पहल, दिवंगत शिक्षक परिवारों के लिए बनी संबल
सूरजपुर ACGN:- समाज में अक्सर यह कहा जाता है कि छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर बड़े बदलाव की नींव रखती हैं। इसी सोच को साकार कर सूरजपुर जिले के शिक्षकों ने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। शिक्षकों द्वारा गठित संयुक्त संवेदना समिति आज जिले में सहयोग, आत्मीयता और सामाजिक सुरक्षा का पर्याय बन चुकी है।
कभी सीमित वेतन में शिक्षाकर्मी के रूप में सेवा देने वाले अनेक शिक्षक आज भी पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि किसी शिक्षक साथी का असमय निधन हो जाए तो उसके परिवार पर दुखों के साथ आर्थिक संकट भी टूट पड़ता है। इसी पीड़ा को समझते हुए जिले के शिक्षकों ने जिला संचालक सचिन त्रिपाठी के नेतृत्व में संयुक्त संवेदना समिति का गठन किया।
समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक सदस्य शिक्षक प्रतिवर्ष मात्र 500 रुपये का सहयोग देता है। इन्हीं छोटे-छोटे योगदानों ने मिलकर एक ऐसा संवेदनशील अभियान खड़ा किया है, जिसने अब तक दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवारों को 31 लाख रुपये से अधिक की संवेदना राशि प्रदान कर उन्हें कठिन समय में सहारा दिया है।
हाल ही में प्रेमनगर विकासखंड के माध्यमिक शाला उमेश्वरपुर में पदस्थ शिक्षक उमेश्वर प्रसाद तथा ओड़गी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओड़गी में कार्यरत व्याख्याता अशोक कुमार विश्वकर्मा के निधन पर समिति द्वारा उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शोकाकुल परिवारों को भरोसा दिलाया कि शिक्षक समाज हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहेगा।
समिति से जुड़े सतीश साहू, पुष्पराज पाण्डेय, मोहम्मद महमूद एवं प्रमोद पाठक ने बताया कि वर्तमान में सदस्यता अभियान निरंतर जारी है और जिले के लगभग 2,500 से अधिक शिक्षक इस पुनीत अभियान से जुड़ चुके हैं। समिति का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि शिक्षक परिवारों के बीच आत्मीयता, एकजुटता और सामाजिक सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी है।
संवेदना राशि वितरण कार्यक्रम में संयुक्त संवेदना समिति के जिला संचालक सचिन त्रिपाठी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी ओड़गी प्रदीप कुमार सिंह, प्राचार्य बालकरण यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
एक प्रेरक संदेश
आज जब समाज में स्वार्थ की चर्चाएं अधिक होती हैं, ऐसे समय में सूरजपुर के शिक्षकों की यह पहल बताती है कि संवेदनाएं अभी जीवित हैं। मात्र 500 रुपये के सहयोग से शुरू हुई यह मुहिम आज सैकड़ों परिवारों के लिए भरोसे और आत्मीयता का प्रतीक बन गई है।
बड़ा सवाल नहीं, एक प्रेरणा
क्या समाज के अन्य वर्ग भी संयुक्त संवेदना समिति की इस अनूठी पहल से प्रेरणा लेकर जरूरतमंद परिवारों के लिए ऐसे सहयोगी मंच तैयार कर सकते हैं?
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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