नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बनेंगे 506 नए आंगनबाड़ी भवन
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता – सौरभ साहू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बस्तर संभाग में बच्चों और माताओं के लिए मजबूत होगी आंगनबाड़ी व्यवस्था
सूरजपुर/ACGN:- छत्तीसगढ़ सरकार अब नक्सल प्रभावित और नक्सल मुक्त घोषित क्षेत्रों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में बस्तर संभाग के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को पक्के भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने बस्तर संभाग के शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को प्राथमिकता में रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र बिना भवन के न रहे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं।

विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों और महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान कर निर्माण कार्य की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक के बाद संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयसीमा के अनुसार पूरे किए जाएं।

राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, मनरेगा के तहत 8 लाख रुपये तथा शेष राशि डीएमएफ, सीएसआर और अन्य स्थानीय संसाधनों से उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार विभिन्न योजनाओं के समन्वय से ग्रामीण विकास को गति देने की रणनीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मार्च 2027 तक सभी स्वीकृत भवनों का निर्माण पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
सरकार आंगनबाड़ी भवनों को केवल सामान्य भवन के रूप में नहीं बल्कि बच्चों के सीखने और खेलने के अनुकूल वातावरण के रूप में विकसित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से “BALA” यानी बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने का माध्यम बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि विभागों के समन्वित प्रयास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से जल्द ही सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को पक्के भवन उपलब्ध हो जाएंगे।
प्रदीप मिश्रा
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