वेदांता का ‘मेगा गेम प्लान’, डीमर्जर के बाद 4 नई कंपनियों संग 2 लाख करोड़ निवेश की तैयारी
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नई दिल्ली
By ACGN 7647981711, 9303948009
अनिल अग्रवाल का बड़ा विजन एल्युमीनियम से तेल-गैस तक हर सेक्टर में विस्तार, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें
वेदांता समूह की डीमर्जर प्रक्रिया अंतिम दौर में, अगले महीने तक अलग-अलग कंपनियों की शेयर बाजार में एंट्री संभव।
नई दिल्ली ACGN:- देश के दिग्गज कारोबारी समूह वेदांता ने अब अपने सबसे बड़े विस्तार अभियान का बिगुल फूंक दिया है। समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अगले तीन से पांच वर्षों में करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा कर उद्योग जगत और शेयर बाजार दोनों में हलचल बढ़ा दी है। यह निवेश एल्युमीनियम, तेल एवं गैस, बिजली और स्टील जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके साथ ही वेदांता समूह की बहुप्रतीक्षित डीमर्जर प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिसके बाद कंपनी की चार नई यूनिट्स अलग-अलग कंपनियों के रूप में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होंगी।
वेदांता का यह कदम केवल कारोबारी विस्तार नहीं बल्कि पूरे समूह की नई रणनीतिक संरचना के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी का मानना है कि डीमर्जर के बाद हर बिजनेस यूनिट स्वतंत्र रूप से काम करेगी, जिससे निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी, प्रबंधन अधिक केंद्रित होगा और निवेशकों को भी स्पष्टता मिलेगी। सूत्रों के अनुसार अगले महीने तक नई कंपनियों की स्वतंत्र लिस्टिंग शुरू हो सकती है।
अनिल अग्रवाल ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में वेदांता भारत के औद्योगिक विकास में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। कंपनी एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता को मौजूदा 30 लाख टन से बढ़ाकर 60 लाख टन तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए बड़े औद्योगिक पार्क और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क विकसित किए जाएंगे, ताकि एल्युमीनियम आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
तेल और गैस सेक्टर में भी वेदांता आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। कंपनी ने इस क्षेत्र में करीब 5 अरब डॉलर निवेश करने का लक्ष्य तय किया है। समूह का उद्देश्य कम लागत में प्रतिदिन 5 लाख बैरल तेल उत्पादन क्षमता हासिल करना है। इसके लिए शेल गैस, डीप वाटर, शैलो वाटर और टाइट ऑयल जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं की तलाश की जा रही है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी वेदांता बड़ा विस्तार करने जा रही है। वर्तमान में कंपनी लगभग 4 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। वहीं स्टील सेक्टर में कंपनी अपनी क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन तक ले जाने की तैयारी में है। विशेष और इलेक्ट्रिकल स्टील पर कंपनी का खास फोकस रहेगा क्योंकि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र की मांग तेजी से बढ़ रही है।
शेयर बाजार में इस खबर का असर तुरंत देखने को मिला। वेदांता के शेयरों में तेजी दर्ज की गई और शेयर 344.80 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि इस वर्ष कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब निवेशकों को डीमर्जर और नए निवेश प्लान से नए अवसर नजर आने लगे हैं।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वेदांता की यह रणनीति सफल होती है तो यह न केवल कंपनी बल्कि देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। रोजगार, उत्पादन, ऊर्जा और निर्यात जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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