मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान बना जीवन रक्षक संजीवनी, सुकमा में 1.54 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी
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सुकमा, छत्तीसगढ़ राज्य
By ACGN 7647981711, 9303948009
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं, 39 मरीजों को जिला अस्पताल में मिला इलाज, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को मिली विशेष सुविधा
सुकमा ACGN:- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। इस अभियान का उद्देश्य दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों के नागरिकों तक समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाना है, जिससे गंभीर बीमारियों की पहचान समय रहते की जा सके और इलाज सुनिश्चित हो सके।

इस क्रम में कोंटा विकासखंड के नियद नेल्लानार क्षेत्र के अरलमपल्ली, पोलमपल्ली, दोरनापाल, बगड़ेगुड़ा, रंगाईगुड़ा, कोलईगुड़ा एवं पेंटापाड़ जैसे दूरस्थ गांवों से कुल 39 मरीजों को जिला चिकित्सालय सुकमा लाकर जांच और उपचार प्रदान किया गया। इनमें से कई मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं जैसे मोतियाबिंद ऑपरेशन, चश्मा वितरण, अल्ट्रासाउंड जांच एवं अन्य उपचार उपलब्ध कराए गए।

जिला चिकित्सालय में इन मरीजों का समुचित परीक्षण कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया गया, जिसमें 16 मरीजों को प्रेसबायोपिक चश्मा प्रदान किया गया तथा 8 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। इसके अलावा उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की जांच कर उन्हें सुरक्षित परामर्श के बाद घर वापस भेजा गया। अन्य मरीजों को भी आवश्यक उपचार एवं चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।

जिले में अब तक कुल 2,93,386 लोगों की स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से 1,54,157 लोगों की जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान लगभग 4990 मरीजों को विभिन्न बीमारियों जैसे मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, रक्त की कमी, शुगर, बीपी एवं कुपोषण से चिन्हित कर उपचार की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। चिन्हित मरीजों को समय पर अस्पताल लाकर जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस अभियान के तहत प्रशासन द्वारा मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मरीजों के आवागमन, भोजन और सुरक्षित वापसी की भी व्यवस्था की गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बिना किसी कठिनाई के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
सुबह 6 बजे एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों को अस्पताल लाकर नाश्ता कराया गया और उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित उनके गांव वापस भेजा गया, जो इस अभियान की संवेदनशील और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
प्रदीप मिश्रा
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