एनसीआरबी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, ओड़िशा में अपराध बेलगाम
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजया नंद जी महाराज
हिंसक अपराध और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
भुवनेश्वर ACGN:- ओड़िशा में लगातार बढ़ते अपराध अब आम जनता के लिए चिंता का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून और पुलिस व्यवस्था का जरा भी डर नहीं दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा “क्राइम इन इंडिया – 2024” रिपोर्ट ने राज्य की कानून व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में ओड़िशा ने हिंसक अपराधों के मामले में देशभर में सबसे अधिक अपराध दर दर्ज की है, वहीं महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में राज्य दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में ओड़िशा में 75 हजार 403 हिंसक अपराध दर्ज किए गए। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अनुमानित जनसंख्या के हिसाब से प्रति एक लाख आबादी पर 161 लोग हिंसक अपराध का शिकार हुए। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक माना गया है। हालांकि कुल संख्या के हिसाब से बिहार में 1 लाख 7 हजार 303 हिंसक अपराध दर्ज किए गए, लेकिन जनसंख्या अनुपात के आधार पर ओड़िशा सबसे ऊपर रहा।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों ने भी राज्य की स्थिति को गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में महिलाओं के खिलाफ 27 हजार 449 मामले दर्ज किए गए। प्रति एक लाख आबादी पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के 118 मामले सामने आए। इस मामले में तेलंगाना पहले स्थान पर रहा जहां प्रति एक लाख आबादी पर 128 मामले दर्ज किए गए।

सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट के मामलों में भी ओड़िशा देश में सबसे आगे रहा। वर्ष 2024 में ऐसे 549 मामले दर्ज किए गए जबकि उत्तर प्रदेश में 198 मामले सामने आए। पहली बार एनसीआरबी रिपोर्ट में “सार्वजनिक स्थानों पर सेक्सुअल हैरेसमेंट” को अलग श्रेणी में शामिल किया गया है।
ओड़िशा पुलिस लगातार महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति का दावा करती रही है, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में स्वीकार किया कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच राज्य में 2 हजार 783 महिलाओं के साथ सड़क पर छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार की घटनाएं हुईं। केवल भुवनेश्वर में ही 1 हजार 341 महिलाओं के साथ ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।

लगातार बढ़ते अपराधों ने लोगों के मन में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। अब जनता की नजर सरकार और पुलिस प्रशासन पर टिकी है कि आखिर अपराधियों पर लगाम लगाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों के साथ जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता का देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


