सुशासन तिहार 2026 में दिखा असर: दो समाधान शिविरों में 1365 आवेदन, 246 का मौके पर निराकरण
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रायपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता अनादि पांडेय
आरंग (छटेरा) और माना कैंप में लगे शिविर, योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचा
रायपुर, सुशासन तिहार 2026 के तहत रायपुर जिले में आयोजित समाधान शिविरों में आमजन की समस्याओं के निराकरण को लेकर प्रशासन सक्रिय नजर आया। आरंग विकासखंड के ग्राम छटेरा एवं रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के माना कैंप में आयोजित दो जिला स्तरीय शिविरों में कुल 1365 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 246 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को त्वरित राहत दी गई।
आरंग के ग्राम पंचायत छटेरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में आयोजित शिविर में 902 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 132 का तत्काल समाधान किया गया। वहीं माना कैंप के संस्कृतिक भवन में आयोजित शिविर में 463 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 114 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया।
छटेरा शिविर का शुभारंभ कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया, जबकि माना कैंप में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री संजय यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत की। दोनों ही शिविरों में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।
शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। इस दौरान आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड सहित कई सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि शासन का उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए और हर आवेदक को स्पष्ट जानकारी दी जाए।
अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू ने कहा कि ऐसे शिविरों से लोगों को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिल रहा है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।
इन शिविरों ने यह स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे, तो आमजन की समस्याओं का समाधान दूर नहीं, बल्कि उनके गांव और मोहल्लों तक पहुंच सकता है।
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