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कोरबा के शिवपुर फुलवारीपारा में मिली 368 वर्ष पुरानी पांडुलिपि, ज्ञानभारतम एप से हुआ डिजिटल संरक्षण

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कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

1658 की दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियों का हुआ डिजिटलीकरण, विशेषज्ञों ने इसे सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया

कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम शिवपुर फुलवारीपारा में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है, जहां 368 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। यह खोज “ज्ञानभारतम” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत की गई, जिसके अंतर्गत इन प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों का डिजिटल संरक्षण भी किया गया।
जानकारी के अनुसार सन 1658 की यह पांडुलिपियां औरंगजेब कालीन साहित्यिक धरोहर से जुड़ी हुई हैं, जिनमें गोपाल मिश्र द्वारा रचित “खूब तमाशा” सहित कुल 25 महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 1829, 1831 और 1852 में लिखित वैदेकीय पोथी, नासकेतु ग्रंथ तथा वेदारत्न पंच प्रकाश जैसी दुर्लभ कृतियां भी इसमें शामिल हैं, जो देवनागरी लिपि और संस्कृत भाषा में लिखी गई हैं।


कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने मौके पर मोबाइल एप “ज्ञानभारतम” के माध्यम से सभी पांडुलिपियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर सुरक्षित किया।


इस अवसर पर पाली विकासखंड के फुलवारीपारा स्थित माध्यमिक विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भाषाविद एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष आचार्य डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर टी.आर. भारद्वाज और तहसीलदार भूषण सिंह मंडावी ने आचार्य मिश्र का सम्मान किया।


आचार्य डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र ने पांडुलिपियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये धरोहरें हमारी संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा की आधारशिला हैं। उन्होंने ग्रामीणों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सुरक्षित रखा जा सके।
यह उपलब्धि न केवल कोरबा जिले के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रदीप मिश्रा :- देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़ हम लाते है निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरे

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