कलेक्टर बने शिक्षक, ब्लैकबोर्ड पर परखे बच्चों के जवाब; दो शिक्षक गैरहाजिर मिले तो कार्रवाई के निर्देश
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
तरदा और सराईसिंगार के स्कूलों में अचानक पहुंचे कलेक्टर कुणाल दुदावत। बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई, गणित, अंग्रेजी और सुविधाओं का लिया जायजा। शौचालय, किचन शेड, बिजली और मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश।
कोरबा ACGN:- सरकारी स्कूलों में बच्चों को कैसी शिक्षा मिल रही है और उन्हें पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तरदा और सराईसिंगार के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर केवल अधिकारी बनकर नहीं पहुंचे, बल्कि शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को गणित के सवाल हल कराए और अंग्रेजी के पाठ पढ़वाकर उनका हिंदी में अनुवाद भी करवाया।
कलेक्टर ने बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की और पढ़ाई, स्कूल की व्यवस्थाओं तथा उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों के साथ परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था भी देखी। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्माण, मरम्मत और सुविधाओं से जुड़े कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल, अंग्रेजी पढ़वाकर समझ परखी
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तरदा और सराईसिंगार प्राथमिक शालाओं की कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखे और विद्यार्थियों से उन्हें हल करवाया। सही जवाब देने वाले बच्चों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद अंग्रेजी के पाठ पढ़वाए और उनका हिंदी में अनुवाद भी करवाया, ताकि बच्चों की पढ़ने और समझने की क्षमता का जायजा लिया जा सके।
सराईसिंगार प्राथमिक शाला की पांचवीं कक्षा में कलेक्टर बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीयता से मिले। उन्होंने नियमित पढ़ाई करने, मन लगाकर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बच्चों से यह भी पूछा कि स्कूल में उन्हें किन सुविधाओं की जरूरत है और पढ़ाई के दौरान किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

भोजन, गणवेश और किताबों की व्यवस्था भी जांची
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोनों स्कूलों में दर्ज और उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक वितरण, सुबह के नाश्ते और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और सभी शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तरदा प्राथमिक शाला की शिक्षिका को अंग्रेजी के पाठ पढ़ाने के साथ उनका हिंदी में अर्थ और अनुवाद भी सरल तरीके से समझाने को कहा, ताकि बच्चे विषय को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उसका अर्थ भी अच्छी तरह समझ सकें।

स्कूल में शौचालय से लेकर बाउंड्रीवाल तक के काम जल्द पूरे करने के निर्देश
तरदा प्राथमिक शाला के निरीक्षण में कलेक्टर ने स्कूल भवन से लगे पुराने आंगनबाड़ी भवन को जल्द डिस्मेंटल कराने, नए शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, किचन शेड के शेष कार्य को पूरा कराने और बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने तथा बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
वहीं सराईसिंगार प्राथमिक शाला में बच्चों ने कलेक्टर के सामने शौचालय, किचन, खेल सामग्री और फर्नीचर जैसी जरूरतें रखीं। कलेक्टर ने उनकी मांगों को प्राथमिकता से पूरा कराने का भरोसा दिया। उन्होंने स्कूल के शिक्षक को आवश्यक मरम्मत कार्यों का प्रस्ताव तैयार करने, नियमित साफ-सफाई, रंगरोगन और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कक्षाओं में पर्याप्त ट्यूबलाइट और पंखे लगाने को भी कहा, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

बिना अनुमति अनुपस्थित मिले दो शिक्षक, नोटिस और विभागीय कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक सक्षम अनुमति के बिना अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने दोनों को नोटिस जारी करने और आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और जिम्मेदारी को लेकर प्रशासन की निगरानी का संदेश भी गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण और गतिविधियों पर जोर
कलेक्टर ने तरदा और सराईसिंगार के स्कूल परिसरों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की संख्या, उपलब्ध सुविधाओं, जरूरतों और दैनिक गतिविधियों की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। केंद्रों में निर्धारित गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों और बच्चों की देखभाल, पोषण तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर के इस निरीक्षण में एक ओर बच्चों की पढ़ाई और समझ को परखा गया, तो दूसरी ओर स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की कमियों को भी सामने लाया गया। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देशों के बाद शौचालय, किचन शेड, बिजली, फर्नीचर और मरम्मत जैसे जरूरी कार्य कितनी जल्दी पूरे होते हैं और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण कब तक मिल पाता है।
प्रदीप मिश्रा
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