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रावण जला, गूंजा राम का संदेश; विजयादशमी पर CM साय ने कहा – सत्य के आगे हर शक्ति छोटी

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर

WRS मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन; मुख्यमंत्री ने कहा – सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में खड़ा होना ही श्रीराम के आदर्शों का सच्चा अनुसरण

रायपुर ACGN:- राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी का पर्व आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक परंपरा के साथ मनाया गया। हजारों लोगों की मौजूदगी और प्रभु श्रीराम के जयकारों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धनुष-बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। जैसे ही पुतले धधक उठे, मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल रावण दहन का उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देने वाला महान सांस्कृतिक पर्व है। उन्होंने कहा कि जीवन में जब भी सही और गलत के बीच चुनाव की स्थिति आए, तब व्यक्ति को सत्य और न्याय के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। यही उसके चरित्र और संस्कार की असली पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से विजयादशमी की गौरवशाली परंपरा का साक्षी रहा है। यहां हर वर्ष रावण दहन के माध्यम से नई पीढ़ी तक यह संदेश पहुंचाया जाता है कि असत्य और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, अंतिम विजय सत्य और धर्म की ही होती है।


              छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा नाता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का महत्व और भी विशेष है, क्योंकि इस धरती का प्रभु श्रीराम से गहरा आत्मीय संबंध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। वनवास के दौरान भी प्रभु श्रीराम के छत्तीसगढ़ के वनांचलों से जुड़ाव की लोकमान्यता रही है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में श्रीराम की गहरी छाप दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने कर्तव्य और मर्यादा का रास्ता नहीं छोड़ा। उनका जीवन आज भी समाज को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
     रावण की शक्ति के सामने राम का संकल्प पड़ा भारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के पास विशाल सेना, शक्तिशाली योद्धा और अपार संसाधन थे, जबकि प्रभु श्रीराम ने वनवासियों और वानर सेना को साथ लेकर उसका सामना किया। यह प्रसंग बताता है कि केवल बाहुबल और संसाधन ही विजय की गारंटी नहीं होते। सत्य, धर्म, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास उससे कहीं बड़ी शक्ति हैं।
उन्होंने कहा कि रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी अपने भीतर एक संदेश समेटे हुए है। अधर्म का साथ देने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः उसे अपने कर्मों के परिणाम का सामना करना पड़ता है। इसलिए समाज को सत्य, न्याय, करुणा और मानवता के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का भी किया जिक्र
विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है और स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा तथा नागरिकों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। बस्तर सहित प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विश्वास, विकास और खुशहाली का वातावरण बनाना सरकार की प्राथमिकता है।


49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और लंबे संकल्प की सिद्धि बताया। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर रामलला के दर्शन का अवसर मिल चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विजयादशमी के अवसर पर केवल पुतलों का दहन न देखें, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, अन्याय, असत्य और नकारात्मकता को भी समाप्त करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारते हुए सत्य, न्याय, सद्भाव, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलना ही इस पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, श्री जयंती भाई पटेल, श्री सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख श्री जी. स्वामी, नेशनल क्लब एवं आयोजन समिति के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।


प्रदीप मिश्रा
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