कैदी को जेल छोड़ने आए ASI और आरक्षक पर सवाल! नशे में मिलने का आरोप, INSAS राइफल लावारिस बरामद
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अंबिकापुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संतोष यादव अंबिकापुर
सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने पहुंचे पुलिसकर्मियों की स्थिति पर उठे सवाल, वायरल वीडियो के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया संज्ञान
अंबिकापुर ACGN:- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुलिस विभाग को असहज करने वाला मामला सामने आया है। प्रतीक्षा बस स्टैंड में दुर्ग से आए एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक के कथित रूप से नशे की हालत में पड़े मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी एक कैदी को सुरक्षित अंबिकापुर जेल छोड़ने के बाद बस स्टैंड पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी सरकारी INSAS राइफल लावारिस हालत में मिलने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड में दोनों पुलिसकर्मियों को संदिग्ध हालत में देखकर लोगों का ध्यान उनकी ओर गया। इसी दौरान सरकारी INSAS राइफल लावारिस स्थिति में पड़ी मिली। राहगीरों की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राइफल को सुरक्षित कब्जे में लिया। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
मामले का संज्ञान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लिए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, घटना के सभी तथ्यों और दोनों पुलिसकर्मियों की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
जब जिम्मेदारी बड़ी हो, तो लापरवाही की गुंजाइश कैसी?
पुलिसकर्मियों के पास सरकारी हथियार और सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि ड्यूटी के दौरान नशे में होने या सरकारी हथियार को असुरक्षित छोड़ने की बात जांच में सही पाई जाती है, तो यह गंभीर अनुशासनहीनता का विषय होगा। सरकारी हथियार की सुरक्षा केवल विभागीय नियमों का मामला नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है।
यह घटना नशे के खिलाफ जागरूकता और सरकारी सेवाओं में अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े करती है। आम जनता से कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मचारियों से भी उच्च स्तर की जिम्मेदारी और सतर्कता अपेक्षित है।
अब देखना होगा कि विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
प्रदीप मिश्रा
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