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राख का संकट, मुआवजे पर चुप्पी! सरपंच के नेतृत्व में जनदर्शन पहुंचे ग्रामीण

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कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

सरपंच उपन सिंह कंवर के नेतृत्व में रोगबहरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में सौंपा ज्ञापन, बालको के पावर प्लांट की राख डंपिंग और लंबित क्षतिपूर्ति को लेकर प्रशासन से न्याय की उम्मीद।


कोरबा ACGN:- उद्योग की चिमनियों से बिजली बन रही है, लेकिन गांव के लोगों के मन में अपनी खेती और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कोरबा स्थित वेदांता समूह के बालको पावर प्लांट से निकलने वाली राख को ग्राम रोगबहरी के समीप डंप किए जाने और किसानों की लंबित क्षतिपूर्ति का मामला अब कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंच गया है। ग्रामवासी सरपंच उपन सिंह कंवर के नेतृत्व में जनदर्शन पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


ग्रामीणों का कहना है कि बालको पावर प्लांट से निकलने वाली राख रोगबहरी के समीप लाकर खाली की जाती है। इससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को खेती-किसानी, फसलों और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव की चिंता सता रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन मौके पर जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि राख के परिवहन एवं डंपिंग में पर्यावरणीय मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।


वहीं, भूरी राय डेम से प्रभावित कृषि भूमि की क्षतिपूर्ति का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया है। ज्ञापन के अनुसार, कुल 75 खसरों की लगभग 29.50 एकड़ भूमि प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि वर्ष 2016-17 से 2019-20 तक क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया गया, लेकिन वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक की राशि अब तक नहीं मिली है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले लगभग 2,000 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से राशि दी जाती थी। अब वे प्रभावित भूमि का उचित सर्वे कराकर वर्तमान मूल्य के आधार पर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग कर रहे हैं।


ग्रामीणों की शिकायतों ने बालको प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि औद्योगिक गतिविधियों के आसपास रहने वाले लोगों को खेती और पर्यावरण संबंधी समस्याओं की चिंता है, तो उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समाधान होना जरूरी है। आखिर गांव के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार गुहार क्यों लगानी पड़े? यह सवाल अब जिला प्रशासन के सामने भी है।


ग्रामीणों को उम्मीद है कि कलेक्टर मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से जांच कराएंगे, राख डंपिंग की स्थिति का आकलन करवाएंगे और लंबित क्षतिपूर्ति पर उचित कार्रवाई करेंगे। अब देखना होगा कि जनदर्शन में सौंपी गई शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और रोगबहरी के किसानों को कब तक राहत मिलती है।


प्रदीप मिश्रा
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