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चित्रकोट से राम वनगमन तक पर्यटन विकास को रफ्तार

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की सख्त समय-सीमा तय, 144 पर्यटन स्थलों के सर्वे के बाद 20 स्थलों पर सुविधाएं विकसित होंगी
चित्रकोट को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने की प्रक्रिया दो सप्ताह में पूरी करने के निर्देश, राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर दो माह में काम शुरू कराने की तैयारी


रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति देने के लिए पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तय समय-सीमा में धरातल पर उतारा जाए।
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अलग पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को केवल योजनाएं बनाने के बजाय उनके वास्तविक परिणाम जमीन पर दिखाई देने के निर्देश दिए।
    चित्रकोट को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी तेज
बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने आवश्यक प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और प्रस्तुतीकरण तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने को कहा। इसके साथ ही सिरपुर पर्यटन विकास की तैयार विस्तृत परियोजना का प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
      144 पर्यटन स्थलों का सर्वे, 20 पर प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का सुविधागत अंतर आकलन पूरा कर लिया गया है। इसके आधार पर प्राथमिकता वाले 20 पर्यटन स्थलों में सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समितियों को देने अथवा संबंधित संस्थाओं का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया।
      राम वनगमन के 31 नए स्थलों पर दो माह में काम
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के पहले से विकसित स्थलों के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नए चिन्हित 31 स्थलों पर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, निविदा और एजेंसी चयन सहित सभी प्रक्रियाएं दो माह के भीतर पूरी कर कार्यादेश जारी करने तथा निर्माण शुरू कराने को कहा गया है।
पहले चरण में चयनित 10 स्थलों के साथ बस्तर के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को भी शामिल करने और इसके लिए आवश्यक बजट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। माता कौशल्या धाम चंदखुरी में प्रभु श्रीराम की नवीन प्रतिमा की स्थापना के लिए मंदिर समिति से चर्चा कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
     रामलला दर्शन योजना में वैकल्पिक ट्रेन की तैयारी
रामलला दर्शन योजना की समीक्षा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। आईआरसीटीसी द्वारा पेंट्री बोगी की तकनीकी समस्या के कारण ट्रेन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक ट्रेन संचालन के लिए पृथक एजेंसी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया।
       भोरमदेव कॉरिडोर की होगी ऑनलाइन निगरानी
भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा होमस्टे नीति के चयनित हितग्राहियों को पूंजीगत अनुदान शीघ्र उपलब्ध कराने की तैयारी करने को भी कहा गया।
पर्यटन मंडल की जिन इकाइयों को तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को पट्टे पर देना संभव नहीं है, उनका संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने पर जोर दिया गया। प्रत्येक पर्यटन इकाई के आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी दर्शाने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए।
              पर्यटन मार्गों पर बनेंगे सुविधा केंद्र
पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर सुविधा केंद्र विकसित करने हेतु सभी जिला कलेक्टरों से समन्वय कर भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का भूमि बैंक तैयार करने के निर्देश दिए गए। केंद्र और राज्य शासन की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी के लिए अभियंताओं की सेवाएं लेने पर भी सहमति दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन, कुदरगढ़ रोप-वे, मंदिर परिसरों के तालाबों एवं झीलों के जीर्णोद्धार, मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़े लंबित कार्यों और स्वीकृत बजट के समयबद्ध उपयोग की समीक्षा की गई। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को जोड़कर छोटे पर्यटन परिपथ विकसित करने और स्थानीय पर्यटन संचालकों एवं यात्रा एजेंटों के साथ कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
           संस्कृति और पुरातत्व पर भी विशेष जोर
संस्कृति विभाग की समीक्षा में कलाकारों के पंजीयन के लिए संचालित चिन्हारी पोर्टल को अद्यतन करने तथा कलाकार दलों के श्रेणी उन्नयन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पारदर्शी आवंटन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।
पुरातत्व विभाग को सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में प्रकाश एवं ध्वनि कार्यक्रम का नियमित संचालन सुनिश्चित करने, अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन और रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से जुड़ी सामग्री को व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण और अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक निर्देश पर हुई कार्रवाई का अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


प्रदीप मिश्रा
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