नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , बारिश कम हुई तो नहरों ने संभाला मोर्चा, 63 गांवों के खेतों तक पहुंचा पानी – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

बारिश कम हुई तो नहरों ने संभाला मोर्चा, 63 गांवों के खेतों तक पहुंचा पानी

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

सरगुजा छत्तीसगढ़

By ACGN 7647 98171193039 48009

संवाददाता:- संतोष यादव

श्याम घुनघुट्टा परियोजना बनी सरगुजा के अन्नदाताओं का सहारा, 236 किलोमीटर की नहर प्रणाली से सिंचाई और अम्बिकापुर की प्यास दोनों का समाधान

सरगुजा, । सरगुजा की धरती पर खेती केवल मेहनत से नहीं, पानी के भरोसे भी चलती है। जब बारिश साथ देती है तो खेतों में हरियाली उतर आती है, लेकिन जब आसमान से पानी कम बरसता है, तब किसानों की निगाहें सिंचाई के भरोसेमंद साधनों पर टिक जाती हैं। ऐसे समय में श्याम घुनघुट्टा परियोजना सरगुजा के किसानों के लिए एक बड़े सहारे के रूप में सामने आई है।
लगभग 35 वर्ष पुरानी यह परियोजना आज भी जिले की कृषि और पेयजल व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी लगभग 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली से 63 गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2022-23 और 2023-24 में अल्प वर्षा के दौरान भी इस परियोजना ने किसानों की खेती को सहारा दिया और उन्हें सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया।
यही नहीं, श्याम घुनघुट्टा परियोजना केवल खेतों की प्यास नहीं बुझा रही, बल्कि अम्बिकापुर शहर की पेयजल जरूरतों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम अम्बिकापुर को प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है।


          35 साल पुरानी नहरों को मिला नया जीवन
समय के साथ पुरानी नहरों में दरारें पड़ने लगी थीं। कई स्थानों पर जलीय जीव-जंतुओं द्वारा बिल बनाए जाने से भी नहरों को नुकसान पहुंच रहा था। इसके कारण पानी के रिसाव की समस्या सामने आती थी और जल प्रवाह प्रभावित होता था।
इसका सीधा असर सिंचाई व्यवस्था पर पड़ता था। खेतों तक आवश्यकता के अनुसार पानी पहुंचाना चुनौती बन रहा था। किसानों के लिए यह समस्या इसलिए भी गंभीर थी क्योंकि वर्षा पर निर्भर खेती में सिंचाई का अतिरिक्त साधन बेहद जरूरी होता है।
स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने नहरों के जीर्णोद्धार और लाइनिंग का कार्य शुरू किया। इसके लिए 08 मार्च 2019 को 2381.84 लाख रुपये यानी लगभग 23.81 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वीकृत राशि से नहरों का जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य पूर्ण कराया गया। इसके बाद पुरानी नहरों की स्थिति में सुधार आया और जल प्रवाह तथा वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक बेहतर हुई।
जब बारिश कम हुई, नहरों ने किसानों का साथ दिया
सरगुजा में वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान अल्प वर्षा की स्थिति बनी। बारिश कम होने से खेतों में पानी की कमी का संकट पैदा हुआ और किसानों के सामने फसलों को बचाने की चुनौती खड़ी हुई।
ऐसे समय में श्याम घुनघुट्टा परियोजना की उपयोगिता और अधिक सामने आई। नहरों के माध्यम से 63 गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया। इससे किसानों को वर्षा की कमी के बावजूद कृषि कार्य जारी रखने में मदद मिली।
किसानों के लिए यह केवल नहर का पानी नहीं था, बल्कि उनकी फसल, मेहनत और उम्मीद को बचाने वाला सहारा था। बारिश की अनिश्चितता के बीच खेतों तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंचना कृषि के लिए बड़ी राहत साबित हुआ।


    236 किलोमीटर की नहरें, 63 गांवों की खेती को सहारा
श्याम घुनघुट्टा परियोजना के अंतर्गत लगभग 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली विकसित है। यही विस्तृत जल वितरण व्यवस्था 63 गांवों के खेतों तक पानी पहुंचाने का माध्यम बनी हुई है।
नहरों के जीर्णोद्धार और लाइनिंग से क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थिति सुधरी है। इससे जल प्रवाह और वितरण को व्यवस्थित करने में मदद मिली है तथा उपलब्ध पानी के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
वर्षा आधारित खेती वाले किसानों के लिए यह व्यवस्था विशेष महत्व रखती है। बारिश कम होने की स्थिति में नहरों से मिलने वाला पानी खेती के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करता है।
खेतों के साथ शहर की प्यास भी बुझा रही परियोजना
श्याम घुनघुट्टा परियोजना की कहानी केवल किसानों तक सीमित नहीं है। यही परियोजना अम्बिकापुर शहर की पेयजल व्यवस्था में भी योगदान दे रही है।
अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम अम्बिकापुर को प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उपयोग शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है।
इस तरह एक ही जल परियोजना ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा कर रही है। गांवों के खेतों को सिंचाई का पानी मिल रहा है तो शहर के नागरिकों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी मजबूत हो रही है।


      जल संरक्षण और रखरखाव बना बदलाव की कुंजी
किसी भी जल परियोजना की सफलता केवल उसके निर्माण से नहीं, बल्कि उसके लंबे समय तक बेहतर संचालन और रखरखाव से तय होती है। श्याम घुनघुट्टा परियोजना की पुरानी नहरों का जीर्णोद्धार और लाइनिंग इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा है।
नहरों की संरचनात्मक स्थिति बेहतर होने से पानी के प्रवाह और वितरण में आने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिली है। इससे पहले से उपलब्ध जल संसाधन का अधिक व्यवस्थित तरीके से उपयोग संभव हुआ है।
यह परियोजना इस बात का उदाहरण भी है कि समय पर मरम्मत, संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन से पुरानी जल संरचनाओं को फिर से उपयोगी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
किसानों के खेत से लेकर शहर के घरों तक पहुंच रहा जीवन
श्याम घुनघुट्टा परियोजना आज सरगुजा के लिए केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि कृषि और पेयजल दोनों का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।
लगभग 35 वर्ष पुरानी परियोजना की नहरों को 23.81 करोड़ रुपये की लागत से नया जीवन मिला। 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली से 63 गांवों को सिंचाई सुविधा मिल रही है और अम्बिकापुर शहर को प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है।
बारिश कम होने पर खेतों तक पहुंचता पानी किसानों की फसल को सहारा देता है। वहीं शहर में पहुंचने वाला पानी हजारों नागरिकों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान देता है।
यही श्याम घुनघुट्टा परियोजना की असली सफलता है एक ही जल स्रोत से खेतों में हरियाली और शहरों में जीवन।
      सेवा संकल्प अभियान के तहत एक प्रेरक उदाहरण
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्याम घुनघुट्टा परियोजना की यह उपलब्धि जल संसाधनों के संरक्षण, पुरानी अधोसंरचना के पुनरोद्धार और बेहतर जल प्रबंधन का उल्लेखनीय उदाहरण है।
किसानों की मेहनत को सिंचाई का सहारा देना और शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करना—दोनों जिम्मेदारियों को साथ निभाती यह परियोजना सरगुजा के विकास में जल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
श्याम घुनघुट्टा की नहरों में बहता पानी सिर्फ पानी नहीं है, यह किसानों की उम्मीद, खेतों की हरियाली और शहर के जीवन की निरंतरता का आधार है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
हमारे द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले, तहसील और ब्लॉक में प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now