नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , गांवों की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा सम्मान, ‘चेन्दरू’ पुरस्कार में एक लाख रुपये – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

गांवों की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा सम्मान, ‘चेन्दरू’ पुरस्कार में एक लाख रुपये

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर

ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को मिलेगा नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र, राज्योत्सव में होगा सम्मान

रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ के गांवों की संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवनशैली को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय और प्रभावी कार्य करने वाले व्यक्ति एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए गए हैं।
इस पुरस्कार के तहत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित रखने के बजाय इसे स्थानीय रोजगार, आजीविका, संस्कृति के संरक्षण और सतत विकास से जोड़ना है।
        गांवों की संस्कृति को पर्यटन से जोड़ने पर जोर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव संस्कृति, परंपरा और प्रकृति की जीवंत विरासत हैं। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक भी पहुंचे।
मंत्री के अनुसार ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण तथा समुदाय आधारित पर्यटन को इस पहल से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
       ‘चेन्दरू’ नाम से छत्तीसगढ़ की पहचान को मंच
ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ रखा गया है। चेन्दरू नाम बस्तर और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम से शुरू किया गया यह पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को पहचान देने का माध्यम बनेगा।
            एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र से सम्मान
नियमों के अनुसार पुरस्कार प्राप्त करने वाले चयनित व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। किसी व्यक्ति को यह पुरस्कार उसके जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जा सकेगा।
इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में नए प्रयोग और प्रभावी काम करने वालों को सामने लाना तथा दूसरे गांवों और समुदायों को भी ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरित करना है।
             छह सदस्यीय जूरी करेगी मूल्यांकन
पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन छह सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा। जूरी की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। ग्रामीण पर्यटन से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों की भी इसमें सहभागिता रहेगी।
चयन के दौरान ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्य, उसका प्रभाव, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन तथा संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।
       समाचार पत्रों के जरिए आमंत्रित होंगी प्रविष्टियां
‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदकों को अपनी प्रोफाइल, फोटो, छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
                     राज्योत्सव में होगा सम्मान
चयनित विजेता अथवा संस्था के प्रतिनिधि को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही विजेता के काम, नवाचार और उपलब्धियों को दर्शाने वाली सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी।
इससे ग्रामीण पर्यटन से जुड़े सफल प्रयासों को व्यापक पहचान मिलने के साथ दूसरे गांवों को भी पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की प्रेरणा मिल सकती है।
       होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं काफी विविध हैं। बस्तर और सरगुजा की जनजातीय संस्कृति से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक खान-पान, लोककला, हस्तशिल्प, मेले, पर्व, प्राकृतिक स्थल और स्थानीय जीवनशैली पर्यटकों के लिए अलग अनुभव प्रस्तुत कर सकते हैं।
होमस्टे और समुदाय आधारित पर्यटन के माध्यम से पर्यटक केवल किसी स्थान को देखकर वापस जाने के बजाय वहां की संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को करीब से समझ सकेंगे। इससे पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे स्थानीय समुदाय तक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी।
ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों का विकेंद्रीकरण हो सकता है और गांवों में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही पारंपरिक कला, शिल्प, लोकसंस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के जरिए ग्रामीण पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है।


प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
हमारे द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले, तहसील और ब्लॉक में प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now