छत्तीसगढ़ के पर्यटन पर दुनिया की नजर! ग्लोबल बाजार से जुड़ेंगे टूर ऑपरेटर्स
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ में बीटूबी बैठकें, नए टूर पैकेज और निवेश की संभावनाओं पर मंथन
रायपुर ACGN:- विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने अपने प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायी, होम-स्टे संचालक, पर्यटन संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों ने भी भाग लिया।

आयोजन का केंद्र केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का प्रचार करना नहीं रहा, बल्कि पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को सीधे एक-दूसरे से जोड़कर नए व्यावसायिक अवसर तैयार करना भी रहा। बीटूबी बैठकों में नए टूर पैकेज तैयार करने, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने, पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताई सरकार की दिशा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे, जबकि अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा के वन्यजीवन को प्रदेश की प्रमुख पर्यटन संपदा बताया।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक अवसर, कलाकारों और कारीगरों को बाजार तथा ग्रामीण और जनजातीय समुदायों को आजीविका से जोड़ना भी है।
उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां जुड़ीं
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि आयोजन को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि पर्यटन कारोबार को विस्तार देने वाले मंच के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई सहित प्रमुख शहरों में रोड शो और राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में भागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का प्रचार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के बाद 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना है।

स्थानीय रोजगार से जोड़ा जाएगा पर्यटन
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण तक सीमित न रखते हुए विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना जरूरी है। स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उनके लिए आय के नए अवसर तैयार किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में बदलने की जरूरत है। इसके साथ ही डिजिटल प्रचार और सामाजिक माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

एआई और डिजिटल तकनीक से बदलेगा पर्यटन प्रचार
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म’ के संदर्भ में प्रदेश के पर्यटन की संभावनाएं प्रस्तुत कीं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, सामग्री निर्माण और पर्यटन स्थलों की वैश्विक पहुंच को बेहतर बनाया जा सकता है।

प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार सहित प्रदेश के कई प्राकृतिक, जनजातीय, आध्यात्मिक और पुरातात्विक स्थलों की संभावनाओं को सामने रखा गया।
पर्यटन मंडल के अनुसार पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल आरक्षण तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के जरिए बाजार विस्तार की पहल की जा रही है।

बीटूबी बैठकों में कारोबार की नई संभावनाएं
आयोजन में टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के बीच बीटूबी बैठकें हुईं। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ आधारित पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को प्रदेश में लाने और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर चर्चा हुई।
आयोजकों के अनुसार इन संपर्कों से आने वाले समय में नए टूर पैकेज तैयार होने, होटल और होम-स्टे की मांग बढ़ने तथा स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, खान-पान और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ सकते हैं।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का सम्मान
कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड, तक्षक भोरमदेव को बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड, एम्बिशन जगदलपुर को बेस्ट होटल अवार्ड और डी. रमेश कैंप वन्स को बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड दिया गया।
इसी तरह हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप, ट्रिपी हिल्स जशपुर के सौरभ सिंह को बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर तथा धुरवा डेरा के मानसिंह को बेस्ट होम-स्टे अवार्ड मिला। अनुपम सिन्हा को बेस्ट इन्फ्लुएंसर तथा डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम को बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर व स्टार परफॉर्मर सीटीबी पुरस्कार दिया गया। इको हरेली रिसॉर्ट बारनवापारा के सुभाष ठाकुर एवं टीम को बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसॉर्ट सीटीबी पुरस्कार मिला। पुरस्कारों के साथ 11 हजार रुपये का चेक, स्मृति चिह्न और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थल धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘धनपुर’ का विमोचन भी किया गया। इसके माध्यम से जिले की पुरातात्विक और विरासत संपदा को पर्यटन की दृष्टि से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन को स्थानीय सीमाओं से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबार से जोड़ने की दिशा में एक मंच के रूप में सामने आया। अब इस आयोजन से बने व्यावसायिक संपर्क किस हद तक वास्तविक टूर पैकेज, पर्यटकों की आवाजाही, निवेश और स्थानीय रोजगार में बदलते हैं, यह आने वाले समय में सामने आएगा।
प्रदीप मिश्रा
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