मेंड़्रा में हाथियों का कहर, टूटा आशियाना तो दर्द बांटने पहुंचे विधायक भूलन सिंह आलम साय के घर
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अंबिकापुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संतोष यादव
12 हाथियों के दल ने घर को पहुंचाया नुकसान, प्रभावित परिवार से मिले आलम साय; राहत और मुआवजे को लेकर अधिकारियों से की चर्चा
अंबिकापुर ACGN:- ग्राम मेंड़्रा में 12 हाथियों के दल की मौजूदगी और उनके द्वारा एक घर को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना से प्रभावित परिवार के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। हाथियों के दल ने आलम साय के घर को तोड़कर नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना के बाद इलाके में ग्रामीणों के बीच भी चिंता का माहौल बना हुआ है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक भूलन सिंह मरावी प्रभावित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परिवार की परेशानी को समझते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अचानक सामने आए इस नुकसान के बाद परिवार की स्थिति और उनकी जरूरतों को लेकर भी चर्चा की गई।
मौके पर पुलिस प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। हाथियों की आवाजाही और उससे उत्पन्न स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र की जानकारी ली गई तथा परिवार को राहत दिलाने और नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से चर्चा की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही के कारण कई बार लोगों के सामने जान-माल और संपत्ति की सुरक्षा की चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को समय पर राहत, नुकसान का आकलन और नियमानुसार सहायता मिलना महत्वपूर्ण माना जाता है। मेंड़्रा की घटना के बाद भी प्रभावित परिवार को तत्काल राहत और आगे की आवश्यक सहायता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि “जनता की पीड़ा हमारी जिम्मेदारी है। संकट की हर घड़ी में जनहित और किसानहित के साथ मजबूती से खड़े रहना ही सच्ची जनसेवा है।” उन्होंने प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहने और आवश्यक सहयोग के लिए हरसंभव प्रयास का भरोसा दिलाया।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर वन विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। प्रभावित परिवार को नुकसान के आकलन के बाद नियमानुसार राहत और मुआवजा कब तक मिलता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। वहीं हाथियों की आवाजाही को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा और सतर्कता बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
प्रदीप मिश्रा
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