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8-9 महीने बीते, फिर भी रफ्तार सुस्त! भोरमदेव कॉरिडोर पर मंत्रियों की सख्ती, ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी

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कवर्धा, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009


15-15 दिन की कार्ययोजना से होगी निगरानी, लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार हटेंगे; गुणवत्ता से समझौता नहीं और भोरमदेव मार्ग से अतिक्रमण हटाने के निर्देश


कवर्धा ACGN:- करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेश दर्शन योजना के तहत विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार अब अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। सोमवार को कबीरधाम जिला पंचायत सभाकक्ष में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कॉरिडोर से जुड़े सभी प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चलने पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति नाराजगी जताते हुए काम में तत्काल तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में साफ कहा गया कि अब केवल कागजों पर बनाई गई कार्ययोजना से काम नहीं चलेगा। हर 15 दिन के लिए स्पष्ट लक्ष्य और कार्ययोजना तैयार करनी होगी और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसका असर निर्माण स्थल पर दिखाई भी देना चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक करने और अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।


उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक 15 दिन में निर्माण स्थल पर प्रगति दिखाई देनी चाहिए। लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार को कार्य से हटाने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ब्लैकलिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी सुनिश्चित करने की बात कही गई।
उन्होंने सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी तकनीकी अथवा अन्य समस्या के कारण काम प्रभावित हो रहा है तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को तत्काल दी जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
       महोत्सव से पहले दिखनी चाहिए जमीन पर प्रगति
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए निर्माण मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा गया। पीएमसी की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
              पर्यटन मंत्री ने भी जताई नाराजगी
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 9 माह का समय बीत चुका है, इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं।
मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी ठेकेदारों को पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने और प्रत्येक 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। हर 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पीएमसी, भोरमदेव विकास समिति और संबंधित विभागों के साथ ठेकेदारों की स्थानीय टीम के नियमित समन्वय पर भी जोर दिया। निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से ऐसा जिम्मेदार प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रखने को कहा गया, जो समिति और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्राइंग, डिजाइन तथा निर्माण से जुड़े विषयों पर तत्काल निर्णय ले सके।
सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और प्रगति की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
मंदिर की ऐतिहासिक पहचान से मेल खाएगा नया निर्माण
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने भोरमदेव कॉरिडोर के ड्राइंग और डिजाइन को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए। नए निर्माण कार्य मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप हों और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि भोरमदेव केवल कवर्धा की आस्था का विषय नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए सभी अधिकारी और निर्माण एजेंसियां इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य श्री भगत पटेल, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र यादव, श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री लोकचंद साहू, श्री नंद श्रीवास सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
        भोरमदेव मार्ग से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में भोरमदेव पहुंच मार्ग और आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भोरमदेव क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का चिन्हांकन कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच करने के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया। राजस्व और वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन करने तथा जहां भी अतिक्रमण पाया जाए, वहां नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई उपयुक्त शासकीय भूमि का सुव्यवस्थित उपयोग पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही भोरमदेव मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भोरमदेव कॉरिडोर की समीक्षा में दिए गए निर्देशों से अब निर्माण एजेंसियों के सामने समयबद्ध काम और जमीन पर दिखाई देने वाली प्रगति की चुनौती स्पष्ट हो गई है। आने वाले दिनों में 15-15 दिन की कार्ययोजनाओं के आधार पर होने वाली समीक्षा यह बताएगी कि कॉरिडोर के निर्माण की रफ्तार वास्तव में कितनी तेज होती है।


प्रदीप मिश्रा
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