बनोरा अघोर गुरु पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री, पूजा-अर्चना के बाद नवीन विद्या मंदिर का किया लोकार्पण
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संजय जेठवानी रायगढ़
अघोरेश्वर भगवान राम के चरणों में अर्पित की श्रद्धा, बाबा प्रियदर्शी राम से लिया आशीर्वाद; 8 एकड़ परिसर में बने आधुनिक विद्यालय भवन का लोकार्पण
रायगढ़ ACGN:- परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।

पंगत में बैठकर ग्रहण किया प्रसाद
बनोरा अघोर गुरु पीठ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्रम परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात की। आश्रम की परंपरा के अनुरूप उन्होंने सादगी के साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण के साथ सेवा और सादगी की परंपरा भी दिखाई दी।

नवीन विद्या मंदिर भवन का लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके बाद अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान प्रदर्शनी को देखा। बच्चों द्वारा तैयार किए गए वैज्ञानिक मॉडल और नवाचारों में मुख्यमंत्री ने रुचि दिखाई और विद्यार्थियों की जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच तथा रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन मानवता की सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने आध्यात्मिक साधना को मानव सेवा से जोड़ते हुए समाज के जरूरतमंद और पीड़ित लोगों की सेवा को महत्वपूर्ण स्थान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा अघोर गुरु पीठ इसी सेवा परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

सेवा के साथ शिक्षा को भी मिला नया आयाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा आश्रम ने आध्यात्मिक चेतना के साथ स्वास्थ्य, नेत्र शिविर, जरूरतमंदों की सहायता और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसे क्षेत्रों में भी कार्य किया है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने की भावना को उन्होंने प्रेरणादायी बताया।
उन्होंने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया भवन आश्रम की सेवा यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र का महत्वपूर्ण अध्याय है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होनी चाहिए।

विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों की प्रतिभा की झलक
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और तेजी से बदलती तकनीक का है। बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें आधुनिक संसाधन और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के अवसर देने की है। विद्यालय की विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा प्रस्तुत मॉडल उनकी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को दर्शाते हैं। ऐसे प्रयास बच्चों में प्रश्न पूछने, नए विचार विकसित करने और नवाचार के लिए आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को भी आकार देते हैं। उन्होंने शिक्षकवृंद से बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

‘हमारे परिवार का अघोरेश्वर भगवान राम जी से पुराना जुड़ाव’
मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर भगवान राम जी और बनोरा आश्रम से अपने परिवार के पुराने आत्मीय संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय जी अघोरेश्वर भगवान राम जी के परम शिष्य थे। इसी कारण बचपन से ही परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम जी के प्रति श्रद्धा और उनके सेवा-दर्शन का वातावरण रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव बगिया से रायगढ़ आने-जाने के दौरान उन्हें अनेक अवसरों पर बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता रहा है। बनोरा आने पर उन्हें आत्मीयता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी सेवा परंपरा को सराहा
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि बनोरा आश्रम केवल आध्यात्मिक साधना का केंद्र नहीं, बल्कि मानव सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी ने सेवा, दया, करुणा और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, बनोरा आश्रम उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट द्वारा वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। नवीन विद्यालय भवन के माध्यम से सेवा परंपरा में शिक्षा का एक और सशक्त आयाम जुड़ा है।
8 एकड़ में करीब एक लाख वर्गफीट का आधुनिक विद्यालय
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा निर्मित अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग एक लाख वर्गफीट में निर्मित जी प्लस-2 भवन में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया गया है।
विद्यालय में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए पुस्तकालय तथा तकनीक आधारित शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था भी की गई है, जिससे प्रारंभिक स्तर से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।
विद्यालय के सुचारु संचालन के लिए 32 शिक्षकों और 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से युक्त यह परिसर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और सर्वांगीण विकास के लिए वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
मानव सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश
अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के आदर्शों से जुड़ा रहा। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने समाज के उपेक्षित, वंचित और पीड़ित लोगों के प्रति संवेदना तथा सेवा को आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण आधार बनाया। विशेष रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों की सेवा और उन्हें सम्मान देने के उनके प्रयासों को मानवता के प्रति समर्पण के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
उनके जीवन-दर्शन में समानता, प्रेम, करुणा और जरूरतमंदों की सहायता की भावना को महत्व दिया गया। इसी सेवा परंपरा और 19 सूत्रीय सिद्धांतों के अनुरूप विभिन्न आश्रमों एवं संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक और मानवीय कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
तीन दशक से सेवा और साधना का केंद्र बना बनोरा
रायगढ़ जिले का ग्राम बनोरा अब आध्यात्मिक साधना के साथ शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुका है। करीब तीन दशक पहले पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर-कमलों से यहां अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की नींव रखी गई थी। स्थापना के बाद से ट्रस्ट और उससे जुड़ी संस्थाओं द्वारा जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सामाजिक संस्कारों से जुड़े विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
बनोरा से प्रारंभ हुई सेवा की यह यात्रा समय के साथ विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों तक पहुंची है। आध्यात्मिक साधना के साथ मानव कल्याण को जोड़ने की यह परंपरा आश्रम की प्रमुख पहचान के रूप में सामने आई है।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुकलाल चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के पदाधिकारी, संतवृंद, शिक्षकगण, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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