ढाई साल में बदली विकास की चाल! फैसलों ने छत्तीसगढ़ में कितनी बदली तस्वीर?
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं से लेकर उद्योग, शिक्षा, बस्तर और सुशासन तक सरकार के बड़े फैसलों का असर
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के ढाई साल से अधिक के कार्यकाल को सरकार की ओर से नीतिगत बदलावों और बड़े फैसलों के दौर के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। दावा है कि इन फैसलों का असर केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आवास, खेती, महिला सशक्तिकरण, बस्तर, उद्योग, शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को बदलने की कोशिश हुई है।
सरकार का जोर गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ ऐसी नीतियां बनाने पर रहा है, जिनका असर लंबे समय तक दिखाई दे। अब इन दावों और आंकड़ों के जरिए यह समझने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किन क्षेत्रों में क्या बदलाव किए गए हैं।

पहली कैबिनेट में ही खुला घर का रास्ता
सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लिया गया फैसला सबसे प्रमुख निर्णयों में गिना गया। सरकार के अनुसार 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के आवास की स्वीकृति का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 24.40 लाख आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है। प्रदेश में औसतन करीब 1,600 आवास प्रतिदिन पूरे किए जा रहे हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पुराने और नए स्वीकृत आवासों को मिलाकर ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
धान बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा सहारा
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में धान की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। सरकार ने किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की व्यवस्था को प्रमुखता दी।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सरकार के अनुसार 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना को मिलाकर किसानों को करीब 43,723 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा किया गया है।
खरीदी व्यवस्था में ऑनलाइन टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे तकनीकी बदलाव भी किए गए, जिससे खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया।

महिलाओं के खातों में पहुंची बड़ी रकम
महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत 31 किस्तों में लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में दिए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार के अनुसार प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं बिहान मिशन से प्रदेश के 31 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की रियायत का भी उल्लेख किया गया है।
बस्तर में बंदूक से आगे विकास की दस्तक
छत्तीसगढ़ के विकास की चर्चा बस्तर के बिना अधूरी है। दशकों से नक्सलवाद को बस्तर के विकास में बड़ी चुनौती माना जाता रहा है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ विकास और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई गई है।
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए दूरदराज के इलाकों तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना भी इसी बदलाव का हिस्सा बताई गई है।
कैंप अब विकास के केंद्र बनने का दावा
बस्तर के दूरस्थ इलाकों में सुरक्षा कैंपों को अब सेवा और विकास के केंद्रों के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है। दूरदराज के गांवों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू की गई है।
सड़क, पुल, मोबाइल नेटवर्क, उचित मूल्य दुकान, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य से लेकर आजीविका तक बड़ा खाका
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।
वहीं बस्तर के लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सरकार का लक्ष्य बस्तर को केवल संघर्ष और नक्सलवाद की पहचान से बाहर निकालकर शिक्षा, पर्यटन, आजीविका और उद्योगों के नए केंद्र के रूप में विकसित करना बताया जा रहा है।
उद्योगों के लिए नियम आसान करने की कोशिश
औद्योगिक विकास के मोर्चे पर भी सरकार ने प्रक्रियाओं को आसान बनाने का दावा किया है। छत्तीसगढ़ में 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने का दावा भी किया गया है। जन विश्वास सुधारों के तहत 279 छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने की बात कही गई है।
वन-क्लिक सिंगल विंडो व्यवस्था, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण जैसे सुधारों को भी निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों में शामिल किया गया है।
8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नजर रोजगार पर
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के बाद सरकार के अनुसार छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 1.72 लाख से अधिक संभावित रोजगार के अवसर बनने का अनुमान बताया गया है।
हालांकि निवेश प्रस्ताव और वास्तविक निवेश अलग-अलग चरण हैं। ऐसे में आने वाले समय में इन प्रस्तावों का कितना हिस्सा वास्तविक परियोजनाओं में बदलता है और स्थानीय युवाओं को कितने रोजगार मिलते हैं, यह सरकार की औद्योगिक नीति की वास्तविक सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगा।
फैसलों से आगे अब परिणाम की बारी
सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि पिछले ढाई वर्षों में आवास, धान खरीदी, महिला सशक्तिकरण, बस्तर विकास और उद्योगों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। लेकिन किसी भी सरकार के लिए असली कसौटी केवल फैसले और आंकड़े नहीं, बल्कि उनका जमीनी असर होता है।
किसान की आय में कितना बदलाव आया, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता कितनी बढ़ी, बस्तर के दूरस्थ गांवों तक सुविधाएं कितनी पहुंचीं, युवाओं को कितने वास्तविक रोजगार मिले और निवेश प्रस्ताव कितनी परियोजनाओं में बदले, आने वाले समय में इन्हीं सवालों के जवाब छत्तीसगढ़ के विकास की वास्तविक तस्वीर सामने रखेंगे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































