खेतों में अचानक पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष, किसानों के हाथों में पहुंचा ऐसा सामान, खिल उठे किसानों के चेहरे
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
बारिश के बीच खेतों तक पहुंच रहे डॉ. पवन सिंह, किसानों से सीधा संवाद कर विकास कार्यों की भी ले रहे जमीनी हकीकत
कोरबा ACGN:- जनप्रतिनिधि जब दफ्तरों की चौखट से निकलकर सीधे खेतों की मेड़ तक पहुंचता है, तो ग्रामीणों के बीच उसका असर अलग दिखाई देता है। कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह इन दिनों कुछ इसी अंदाज में ग्रामीण अंचलों का लगातार दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर केवल लोगों से मुलाकात ही नहीं कर रहे, बल्कि खेतों तक जाकर किसानों की समस्याएं सुनने के साथ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जमीनी स्थिति भी देख रहे हैं।

इसी क्रम में डॉ. पवन सिंह ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने खोडरी, अमलडीहा, लेपरा, मुठरीपारा और गुरसिया सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेतों तक पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। बारिश के मौसम में खेती-किसानी के बीच पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं के साथ खेती से जुड़ी परेशानियों को भी समझने का प्रयास किया।

इस दौरान किसानों के लिए एक अलग पहल भी देखने को मिली। डॉ. पवन सिंह ने इस वर्ष अपने 16वें वित्तीय वर्ष के मध्य से ग्रामीण किसानों को रेनकोट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसी पहल के तहत वे गांव-गांव जाकर खेतों में काम कर रहे किसानों को रेनकोट वितरित कर रहे हैं। बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए रेनकोट छोटी जरूरत जरूर है, लेकिन लगातार बारिश के बीच यह उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।


गांवों के दौरे के दौरान डॉ. पवन सिंह ने किसानों के साथ बैठकर उनकी बात सुनी। ग्रामीणों ने खेती-किसानी, स्थानीय जरूरतों और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेते हुए विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा की।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार पहुंचने की इस पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा है।

आमतौर पर जनप्रतिनिधियों के दौरे कार्यालयों और औपचारिक बैठकों तक सीमित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं, ऐसे में खेतों तक पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करने का यह तरीका ग्रामीणों को अपनेपन का एहसास करा रहा है।


डॉ. पवन सिंह का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए गांव और खेत तक पहुंचना जरूरी है। कागजों में दर्ज जानकारी से अलग जमीनी हकीकत ग्रामीणों के बीच जाकर ही समझी जा सकती है। यही वजह है कि वे लगातार ग्रामीण अंचलों का दौरा कर लोगों से संवाद स्थापित करने और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास कर रहे हैं।

रेनकोट वितरण की यह पहल भी इसी ग्रामीण जुड़ाव का हिस्सा मानी जा रही है। बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याएं सुनना जनप्रतिनिधित्व के उस स्वरूप को सामने लाता है, जिसमें योजनाओं और घोषणाओं से आगे बढ़कर सीधे ग्रामीणों तक पहुंचने का प्रयास दिखाई देता है।

प्रदीप मिश्रा
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