बाढ़ में हर जान की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री
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भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज, ओड़िशा ब्यूरो
छह जिलों में ओडीआरएएफ की 45 और एनडीआरएफ की 8 टीमें तैनात, पांच दिन बाद ताल के पेड़ से जिंदा मिला बाढ़ में बहा व्यक्ति
भुवनेश्वर ACGN:- ओड़िशा में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है। बाढ़ प्रभावित छह जिलों में ओड़िशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 45 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की आठ टीमें तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर जान की सुरक्षा और शून्य जनहानि सुनिश्चित करना है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के दौरान अब तक 100 से अधिक लोगों को सांप के काटने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन प्रशासन की तैयारियों और समय पर उपचार उपलब्ध होने के कारण अभी तक सर्पदंश से किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के कारण ओड़िशा में बाढ़ का यह दूसरा बड़ा दौर है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

उन्होंने कहा कि विस्तृत नुकसान का आकलन प्राप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार राहत पैकेज में अतिरिक्त सहायता भी शामिल की जाएगी, ताकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास में किसी तरह की परेशानी न हो।
इसी बीच भद्रक जिले से बाढ़ के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पोचरा नदी के तेज बहाव में पांच दिन पहले बहा एक व्यक्ति मंगलवार को ताल के पेड़ को पकड़े हुए जिंदा मिला। घटना धामनगर विकासखंड के अर्जुनपुर पंचायत के बलिपटना गांव की बताई जा रही है, जहां बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं।
बाढ़ के तेज बहाव में बहने वाले व्यक्ति की पहचान बलिपटना गांव निवासी सुनंदा बेहरा के रूप में हुई है। बताया गया कि वह पांच दिन पहले पोचरा नदी के तेज बहाव में बह गया था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल पाया था। ग्रामीण लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।
मंगलवार को कुछ ग्रामीण नाव से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर ताल के पेड़ को मजबूती से पकड़े एक व्यक्ति पर पड़ी। पास जाकर पहचान करने पर पता चला कि वह सुनंदा बेहरा है, जिसकी पिछले पांच दिनों से तलाश की जा रही थी। ग्रामीणों ने तत्काल ओड़िशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की टीम को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही ओडीआरएएफ की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में सुनंदा को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया गया कि पांच दिनों तक बाढ़ के बीच फंसे रहने के कारण उसके हाथ-पैर कांप रहे थे और उसने कई दिनों से कुछ खाया भी नहीं था। बचाव के बाद उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिकता के आधार पर उसका उपचार किया जा रहा है।
सुनंदा की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और आवश्यकता पड़ने पर उसे बेहतर उपचार के लिए कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया जा सकता है।
इस घटना ने बाढ़ के बीच राहत और बचाव दलों की सतर्कता के साथ ग्रामीणों की तत्परता को भी सामने रखा है। एक ओर जहां प्रशासन शून्य जनहानि के लक्ष्य के साथ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर सुनंदा बेहरा का पांच दिन बाद जिंदा मिलना बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच उम्मीद की एक बड़ी खबर बनकर सामने आया है।
प्रदीप मिश्रा
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