ओड़िशा में बाढ़ का कहर, 2.70 लाख से अधिक लोग प्रभावित; स्थायी समाधान पर सरकार का जोर
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भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज, ओड़िशा ब्यूरो
6 जिलों में बाढ़ का असर, 95 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भुवनेश्वर ACGN:- ओड़िशा में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के साथ राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने विशेष राहत आयुक्त कार्यालय में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने केवल मौजूदा संकट से निपटने तक सीमित रहने के बजाय बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल सुरक्षा के साथ भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर भी गंभीरता से काम किया जाना जरूरी है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से राज्य के 6 जिले, 52 विकासखंड, 227 ग्राम पंचायत और 503 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की चपेट में आने से लगभग 2 लाख 70 हजार 212 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और केंदुझर जिलों की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है।
प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 95 हजार 206 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 226 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को पका हुआ भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ की स्थिति में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत शिविरों में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मुक्त रसोई केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जबकि आवश्यकता के अनुसार सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
राहत एवं बचाव अभियान को गति देने के लिए राज्य में कुल 118 बचाव एवं प्रतिक्रिया दल तैनात किए गए हैं। इनमें 36 ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल, 7 राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, 35 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा दल तथा 40 पुलिस, नागरिक सुरक्षा और स्थानीय दल शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दलों को भी तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के साथ-साथ भविष्य में बार-बार आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना है। समीक्षा बैठक में इसी दिशा में स्थायी उपायों पर जोर दिया गया। अब देखना होगा कि मौजूदा राहत और बचाव अभियान के साथ बाढ़ की समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए सरकार की योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।

प्रदीप मिश्रा
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